बाराबंकी। जिले में संचालित 82 उपस्वास्थ्य केंद्रों (आयुष्मान आरोग्य मंदिर) में मरीज इलाज की दरकार में परेशान हैं। किराए के भवनों में संचालित हो रहे इन उप केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और आम लोगों को इलाज की सुविधा मिलना तो दूर एएनएम व सीएचओ तक नहीं मिलते हैं। बजट न मिलने से पिछले छह माह से इन उपकेंद्रों का किराया तक नहीं चुकाया जा सका है। इसके लिए सीएचसी अधीक्षकों को जिम्मेदार माना जा रहा है।
जिले में मौजूदा समय में 353 उपस्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं, इनमें से 82 ऐसे हैं जो किराए के भवनों में संचालित हो रहे हैं। लेकिन पिछले छह माह से इन्हें किराया चुकाने तक का बजट नहीं मिल सका है। इन केंद्रों का संचालन जिस उद्देश्य से शुरू किया गया था, वह भी पूरा होता नजर नहीं आ रहा है। यहां तैनात एएनएम और सीएचओ के आने जाने का कोई समय निर्धारित नहीं है जिसके चलते यहां पर टीकाकरण के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों के साथ ही सर्दी, जुकाम, बुखार के मरीजों को भी इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डिप्टी सीएमओ डॉ. एलबी गुप्ता ने बताया कि मुख्यालय से किराए का पैसा संबंधित सीएचसी पर भेजा दिया गया। इसके बावजूद सीएचसी से इस मद की राशि का भुगतान क्यों नहीं हुआ, इसकी जांच कर पैसा खातों में भिजवाया जाएगा।