राज्य महिला आयोग की सदस्य अंजू प्रजापति ने बृहस्पतिवार को स्थानीय सीएचसी का निरीक्षण किया।
बाराबंकी। राज्य महिला आयोग की सदस्य अंजू प्रजापति ने बृहस्पतिवार को स्थानीय सीएचसी का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं, साफ-सफाई और कर्मचारियों की उपस्थिति की जांच की। हस्ताक्षर में अंतर मिलने सहित अन्य कमियों पर तीन चिकित्सकों को कारण बताओ नोटिस दिया गया। एक्सरे टेक्नीशियन से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके अलावा सीएचसी में भर्ती मरीजों को नाश्ता नहीं मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई।
अंजू प्रजापति ने डिलीवरी वार्ड में भर्ती महिलाओं से सुविधाओं की जानकारी ली। प्रसूताओं ने बताया कि उन्हें भोजन मिलता है पर सुबह का नाश्ता नहीं दिया जाता। भोजन भी बाहर से मंगाया जाता है। इस पर आयोग की सदस्य ने सीएचसी अधीक्षक डॉ. रमेश चंद्र से भोजन बाहर से मंगाने का कारण पूछा। अधीक्षक ने बताया कि करीब डेढ़ वर्ष पहले प्रेरणा कैंटीन बंद होने के बाद से भोजन बाहर से मंगाया जा रहा है।
एक्सरे टेक्नीशियन बालमुकुंद चार दिनों से और दंत चिकित्सक डॉ. श्वेता श्रीवास्तव कई दिनों से बिना सूचना के अनुपस्थित मिलीं। जनरल सर्जन डॉ. हरिशंकर सिंह के बारे में पता चला कि वह भी नियमित ड्यूटी पर नहीं आते। वहीं डॉ. स्वाती के हस्ताक्षर अलग-अलग रजिस्टर में एक समान नहीं दिखे। उन्होंने डॉ. श्वेता व डॉ. स्वाती सहित अन्य गैर हाजिर कर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
डॉक्टरों ने नहीं पहना सफेद एप्रेन
राज्य महिला आयोग की सदस्य के निरीक्षण में आने की जानकारी के बावजूद चिकित्सकों ने सफेद एप्रेन नहीं पहना और न ही नेम प्लेट लगाई। इसको लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
चौपाल में सुनी समस्याएं
सीएचसी के निरीक्षण के बाद आयोग की सदस्य बनीकोडर ब्लॉक पहुंचीं। वहां उन्होंने चौपाल में महिलाओं से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। केंद्र व प्रदेश सरकार की महिला कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी। इसके बाद उन्होंने कोतवाली रामसनेहीघाट का भी निरीक्षण किया। खासकर महिला और बाल अपराध की घटनाओं को तुरंत दर्ज करने के निर्देश दिए।