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सीटें बढ़ी पर प्रमुख चुनाव में खूब हई भाजपा की फजीहत

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बाराबंकी। इस बार के ब्लॉक प्रमुख चुनाव में भाजपा की सीटें खूब बढ़ीं। पिछले ब्लॉक प्रमुख चुनाव में एक भी सीट न जीतने वाली भाजपा के खाते में 15 में से नौ सीटें चली गईं। इसके बावजूद भाजपाइयों की खूब फजीहत हुई। भाजपा प्रत्याशियों के चयन में एक के बाद एक गलतियां करती चली गईं। इन गलतियों से सबक लेने का प्रयास तक नहीं किया गया।
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इसी का नतीजा रहा है कि वह महज नौ सीटें पर ही सिमटकर रह गई। पार्टी के नेताओं की माने तो भाजपा ने पूरी ईमानदारी से प्रत्याशियों का चयन किया होता और मेहनत से चुनाव लड़ा होता तो वह और भी सीटें जीत सकती थी। लेकिन भाजपा ने इसकी जहमत उठाना मुनासिब नहीं समझा, जिसकी वजह से उसे बागियों और भितरघातियों से भी दो चार होना पड़ा।
जिले में ब्लॉक प्रमुख की 15 सीटें हैं। वर्ष 2015-16 के चुनाव में भाजपा के खाते में एक भी सीट नहीं आई थी जबकि उस समय प्रमुख सत्ताधारी दल सपा ने 14 और बसपा ने एक सीट पर जीत दर्ज की थी। लेकिन इस बार सत्ता में होने के बावजूद भाजपा इसका भरपूर फायदा नहीं उठा सकी और वह महज नौ सीटों पर ही सिमट कर रह गई।
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जानकारों का कहना है कि भाजपा ने टिकट वितरण में जमकर मनमानी की जिसका नतीजा सामने है। बंकी सीट से भाजपा ने अपना उम्मीदवार ही नहीं उतारा और सपा के आगे नतमस्तक हो गए। जिसकी वजह से यहां पर सपा उम्मीदवार ने निर्विरोध जीत दर्ज की। त्रिवेदीगंज और फतेहपुर में जिताऊ उम्मीदवार टिकट मांगते रहे लेकिन इन्हें नजरंदाज कर दिया, जिससे वह बागी होकर मैदान में उतरे और नतीजा सामने है।
भाजपाइयों की सबसे ज्यादा फजीहत सिरौलीगौसपुर के उम्मीदवार को लेकर हुई। यहां पर भाजपा ने जिस सपना चौहान को अपना उम्मीदवार बनाकर नामांकन कराया ऐन वक्त पर उन्होंने धोखा दे दिया और नाम ही वापस नहीं लिया बल्कि की वह सपा के खेमे में चली गई। निंदूरा ब्लॉक में भी टिकट वितरण में मनमानी का आरोप लगा।
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