बाराबंकी। ग्रामीणों को ब्लॉक और जिला मुख्यालय पर भागदौड़ न करनी पड़े इसके लिए पंचायत भवनों में कम्प्यूटर, प्रिंटर, इंटरनेट, फर्नीचर आदि संसाधनों की व्यवस्था कर पंचायत सहायकों की तैनाती की गई है। ताकि वह ग्रामीणों को योजनाओं के लाभ के लिए ऑनलाइन आवेदन से लेकर शासकीय कार्यों को कर सकें।
मगर अभी तक जिले के 1161 ग्राम पंचायतों में से 566 पंचायतों में इन संसाधनों की खरीदारी तक नहीं की गई है। जबकि इन पंचायतों में दस करोड़ रुपये से अधिक की राशि खातों में पड़ी है। प्रत्येक पंचायत में एक लाख 75 हजार रुपये की से ये सामग्रियां खरीदी जानी हैं और पंचायत भवनों को ब्लॉक जैसा दफ्तर बनाना है।
जिले में 15 ब्लॉकों में 1161 ग्राम पंचायतें हैं। इन पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए विधानसभा चुनाव से पहले ही शासन ने कार्रवाई शुरू कर दी थी। इन सभी पंचायतों में छह हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय पर पंचायत सहायकों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही पंचायत भवनों को सीसीटीवी कैमरों से लैस करने के साथ ही पर्याप्त फर्नीचर और कम्प्यूटर, प्रिंटर, स्कैनर, इंटरनेट, बिजली कनेक्शन, इन्वर्टर बैट्री आदि उपकरणों की खरीद करनी थी। मगर अभी तक 50 फीसदी ग्राम पंचायतों ने ही सामग्री का क्रय किया है।
इसके लिए प्रत्येक पंचायत को एक लाख 75 हजार रुपये का बजट खर्च करना है। विभागीय रिपोर्ट को देखें तो अभी तक 1161 में से 595 पंचायतों ने ही सामग्री खरीदा है जबकि शेष 566 ग्राम पंचायतें फीसड्डी साबित हो रही हैं। इन पंचायतों के पास 10 करोड़ रुपये का बजट डंप है। मगर पंचायतों की लापरवाही से सामग्री की खरीद नहीं की जा रही है वहीं सरकार का जो उद्देश्य था वह भी पूरा होता नहीं दिख रहा है। इस बाबत सीडीओ एकता सिंह ने बताया कि पंचायतों को संसाधनों से लैस करने की कार्रवाई चल रही है। उपकरण खरीद में देरी क्यों हो रही है, इसका जवाब मांगा जाएगा।
सामग्री न खरीदने वाली ब्लॉकवार पंचायतों की संख्या
बंकी-31, देवा-54, मसौली-1, हरख-44, फतेहपुर-85, निंदूरा-56, सूरतगंज-6, रामनगर-32, पूरेडलई-19, सिद्धौर-45, बनीकोडर-80, हैदरगढ़-46, त्रिवेदीगंज-5, दरियाबाद-62, सिरौलीगौसपुर-0