बाराबंकी। उठान न होने और क्रय केंद्रों पर जगह के अभाव को देखते हुए 76 केंद्रों पर धान की खरीद पर रोक लगा दी गई है। इससे किसानों की परेशानी बढ़ गई है क्योंकि अभी भी किसान धान लेकर सरकारी केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। किसानों को असुविधा न हो, इसे देखते हुए के 13 ब्लॉकाें में एक-एक और तीन मंडियों में दो-दो कांटों पर खरीद होती रहेगी।
शासन ने इस वर्ष धान खरीद का लक्ष्य एक लाख 37 हजार मीट्रिक टन निर्धारित किया है। इसके लिए जिले भर में 95 खरीद केंद्र खोले गए हैं। इन केंद्राें के माध्यम से अब तक एक लाख 25 हजार एमटी धान की खरीद की जा चुकी है। निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष करीब 91 प्रतिशत धान की खरीद हुई है।
इसके अलावा खरीदे गए धान का उठान काफी धीमा होने की वजह से क्रय केंद्रों पर करीब 30 हजार एमटी धान डंप पड़ा हुआ है। यही नहीं उठाए गए धान के सापेक्ष करीब 25,846 एमटी चावल राइस मिलों के पास बचा हुआ है।
धान के उठान और सरकारी चावल देने में राइस मिलों द्वारा रुचि न दिखाए जाने की वजह से शासन स्तर से 76 क्रय केंद्रों पर खरीद कांटों को लॉक कर दिया गया है। 13 ब्लॉकों में एक-एक और मंडियों में विपणन शाखा द्वारा खोले गए दो-दो कांटों पर ही धान की खरीद होगी क्योंकि अभी भी किसान धान लेकर क्रय केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। किसानों को असुविधा न हो, इसे देखते हुए यह व्यवस्था लागू की गई है।
अब तक किसने कितना खरीदा धान
विपणन शाखा ने 71,591 एमटी, मंडी समिति ने 5,044 एमटी, पीसीएफ ने 19,187 एमटी, पीसीयू ने 21,215 एमटी, यूपीएसएस ने 4,496 एमटी, भाखानि ने 3,568 एमटी। इस तरह सभी एजेंसियों ने मिलकर अभी तक 1,25,014 एमटी धान की खरीद की है।
खरीद केंद्रों पर करीब 30 हजार एमटी धान डंप पड़ा हुआ है। इसके अलावा राइस मिलों पर करीब 25,846 एमटी सरकारी चावल बचा है जिसे एफसीआई गोदाम को देना है। धान की खरीद भी लक्ष्य के करीब 91 प्रतिशत हो गई है। इसके चलते शासन स्तर से ही 76 कांटों को फिलहाल के लिए लॉक किया गया है।
-रमेश कुमार, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
आकाश सक्सेना
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