बाराबंकी। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने धान खरीद प्रक्रिया को और अधिक सरल तथा पारदर्शी बनाते हुए किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने घोषणा की है कि छोटे, सीमांत, महिला और दिव्यांग किसानों को धान बेचने के लिए किसी टोकन की आवश्यकता नहीं होगी। ऐसे सभी किसान जिनके धान की मात्रा 30 क्विंटल या इससे कम है, वे सीधे अपने नजदीकी सरकारी क्रय केंद्र पर धान बेच सकेंगे। उन्होंने कहा कि कोई भी किसान तौल केंद्र से वापस नहीं लौटाया जाएगा। इस आदेश का सभी केंद्र प्रभारियों को कड़ाई से अनुपालन करना होगा।
किसानों की सुविधा को देखते हुए डीएम ने भुगतान प्रक्रिया को भी सरल बनाने के निर्देश दिए हैं। किसानों का धान बिकने के बाद भुगतान 48 घंटों के भीतर सीधे उनके बैंक खाते में भेजा जाएगा। इसके लिए किसानों को अपना बैंक खाता आधार से लिंक कराकर एनपीसीआई मैपिंग अवश्य करानी होगी। डीएम ने यह भी कहा कि जिन किसानों का धान गीला या गंदा है, उन्हें भी वापस नहीं लौटाया जाएगा। ऐसे किसान नजदीकी मंडी या चौपाल पर जाकर धान को सुखाकर और साफ करके क्रय केंद्र पर उसे बेच सकते हैं।