बाराबंकी। यातायात नियमों के उल्लंघन पर हुए चालान को गलत मानने वाले वाहन स्वामियों को अब एआरटीओ कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। चालान के खिलाफ ऑनलाइन आपत्ति दर्ज कराने के बाद एआरटीओ को 30 दिन के भीतर उसका निस्तारण करना होगा। निर्धारित समय में निस्तारण नहीं होने पर चालान स्वत: समाप्त हो जाएगा। परिवहन विभाग ने इसके लिए सॉफ्टवेयर तैयार कर लिया है। बाराबंकी एआरटीओ कार्यालय में भी तैयारी पूरी की जा रही है। अब सॉफ्टवेयर के लाइव होने का इंतजार है।
पहले चालान होने पर वाहन स्वामी को अपनी आपत्ति दर्ज कराने के लिए एआरटीओ कार्यालय जाना पड़ता था और कई मामलों में जुर्माने की राशि जमा करनी पड़ती थी। केंद्र सरकार के परिवहन मंत्रालय ने करीब छह माह पहले इस दिशा में पहल की थी। इसके तहत वाहन स्वामी चालान गलत होने की स्थिति में 45 दिन के भीतर उसे चुनौती दे सकता है। अब विभाग की जवाबदेही भी तय कर दी गई है। ऑनलाइन आपत्ति दर्ज होने के बाद एआरटीओ प्रशासन को 30 दिन में मामले का निस्तारण करना होगा। समय सीमा में कार्रवाई नहीं होने पर चालान समाप्त हो जाएगा।
कोर्ट में जमा करनी होगी आधी धनराशि
एआरटीओ प्रशासन अमिताभ राय के मुताबिक निर्धारित समय में एआरटीओ स्तर से मामले का निस्तारण नहीं होने पर चालान समाप्त करने की व्यवस्था होगी। वहीं, एआरटीओ स्तर पर निस्तारण के बाद भी वाहन स्वामी निर्णय से संतुष्ट नहीं है तो उसे न्यायालय में चुनौती देने का अवसर मिलेगा। इसके लिए चालान की निर्धारित राशि का 50 प्रतिशत जमा कर मामला न्यायालय में रखा जाएगा। इसके बाद न्यायालय का निर्णय मान्य होगा।
बाराबंकी में हर माह करीब 1500 चालान
बाराबंकी में परिवहन विभाग और आरटीओ से जुड़े अधिकारियों की ओर से हर माह करीब 1500 चालान किए जाते हैं। इनमें बड़ी संख्या यातायात नियमों के उल्लंघन से संबंधित मामलों की होती है। कई बार वाहन स्वामी चालान को गलत बताते हुए आपत्ति दर्ज कराते हैं। नई ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने के बाद ऐसे मामलों में आपत्ति दर्ज कराने और निस्तारण की प्रक्रिया अधिक स्पष्ट और समयबद्ध होने की उम्मीद है।