बाराबंकी। शहर के मोहल्ला सुभाष नगर स्थित कृष्णा हॉस्पिटल के संचालक डॉ. योगेश कुमार से हुई 61 लाख रुपये की साइबर ठगी में पुलिस ने सीतापुर के एक युवक को गिरफ्तार किया है। 40,000 रुपये बरामद हुए हैं। ठगी की रकम सैकड़ो खातों में भेजी गई है। तीन और नाम सामने आए हैं, जिनकी तलाश जारी है।
17 अप्रैल को डॉ. योगेश के मोबाइल पर रोहित शर्मा नाम से काल आई थी। खुद को ट्राई डिपार्टमेंट का अफसर बताते हुए ठग ने मुंबई थाने में डॉ. योगेश के खिलाफ 17 एफआईआर दर्ज होने और 90 दिन की कस्टडी में लेने की धमकी देते हुए डराया गया।
ठग के दूसरे साथी ने सीबीआई अफसर बनकर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाते हुए अस्पताल सीज करने की बात कही। साइबर ठगों ने चिकित्सक को झांसे में लेकर कार्रवाई से बचने के लिए 61 लाख रुपये अपने खाते पर भिजवा लिए। साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
साइबर पुलिस को जांच में पता चला कि यह रकम कुछ ही घंटे में सैकड़ों खातों में स्थानांतरित कर दी गई। पुलिस ने सीतापुर की लोक कॉलोनी महिबुल्लापुर निवासी आशीष शुक्ला को गिरफ्तार करते हुए मामले का आंशिक खुलासा किया। पुलिस के अनुसार डॉ. योगेश के खाते से 61 लाख रुपये चार खातों में क्रमशः 16 लाख, 26 लाख, चार लाख व 15 लाख स्थानांतरित किए गए।
इनमें से चार लाख रुपये आईसीआईसीआई बैंक के खाता धारक आशीष शुक्ला के खाते में आए। आशीष शातिर साइबर अपराधियों को अपना खाता, एटीएम कार्ड, मोबाइल सिम धोखाधड़ी के लिए देता था।
पूछताछ में अमन, संतोष चतुर्वेदी व शिवम यादव के खातों में भी रकम पहुंचाने की बात सामने आई है। एसपी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि इन तीनों की तलाश की जा रही है। जिन-जिन खातों में रकम भेजी गई है, उन खाताधारकों पर पुलिस की निगाह है।