बाराबंकी। दफ्तर में बैठकर लंच करने का समय अब खत्म। दोपहर में आवास पर जाकर भोजन करने का रूटीन भी बदलेगा। अब साहब का लंच परिषदीय स्कूलों में होगा। जहां वह बच्चों के बीच रहेंगे और वहीं एमडीएम का स्वाद भी चखेंगे।
परिषदीय विद्यालयों की व्यवस्थाओं को सुधारने और मिड-डे मील (एमडीएम) की गुणवत्ता परखने के लिए प्रशासन ने यह नई रणनीति बनाई है। जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह की पहल पर अब बीडीओ, डीपीआरओ, डीडीओ, सीडीओ, समाज कल्याण अधिकारी, बीईओ और बीएसए हर बुधवार को दूरस्थ स्कूलों का निरीक्षण करेंगे। खास बात यह है कि अधिकारी घर का नाश्ता या लंच नहीं बल्कि बुधवार के मेनू के अनुसार बने एमडीएम के भोजन का स्वाद ही चखेंगे। इस संबंध में बीएसए ने सभी संबंधित अधिकारियों के लिए दिशा निर्देश भी जारी कर दिया है।
इस नई व्यवस्था से स्कूलों की कमियां सीधे अधिकारियों की नजर में आएंगी और उनका मौके पर ही निस्तारण हो सकेगा। इसके साथ ही निर्देशित किया गया है कि किसी भी जर्जर भवन में पठन-पाठन किसी भी हालात में न कराया जाए। इसका उद्देश्य स्कूलों में जमीनी स्तर पर मौजूद खामियों को परख कर इन्हें दूर कराना होगा। बीएसए नवीन कुमार पाठक ने बताया कि डीएम के निर्देश पर टास्क फोर्स के अधिकारियों के लिए बुधवार का दिन नियत किया गया है। अधिकारी अब हर बुधवार को जरूर स्कूल जाकर एमडीएम की गुणवत्ता को परखेंगे।