बाराबंकी। साइबर अपराध की बढ़ती घटनाओं के बीच पुलिस विभाग ने एक बड़ी पहल की है। अब जिले के सभी 22 थानों में साइबर कमांडो सेल का गठन किया जाएगा। हर थाने में इंस्पेक्टर इसके प्रभारी होंगे तो एक टीम में सब इंस्पेक्टर, एक हेड कांस्टेबल और एक-एक महिला व पुरुष कांस्टेबल मिलाकर पांच लोग इस सेल में तैनात किए जाएंगे। इस प्रकार 110 साइबर कमांडो तैनात होंगे। साइबर अपराध होने पर यह टीम तुरंत कार्रवाई शुरू कर देगी और लोगों को जागरूक भी करेगी।
जिले में साइबर अपराध की घटनाएं बहुत तेजी से बढ़ी हैं। ब्लैकमेलिंग से लेकर ठगी तक के मामले खूब आ रहे हैं। थाने में शिकायत के बाद मामला जिला मुख्यालय स्थित साइबर सेल के पास भेजा जाता है। यहीं से जांच के बाद थाने में मुकदमा दर्ज किया जाता था। इस पूरी कवायद में साइबर अपराधी पुलिस की पकड़ से दूर चले जाते हैं।
इधर साइबर सेल पर दबाव भी काफी बढ़ गया है। इसी के मद्देनजर एसपी दिनेश कुमार सिंह के निर्देश पर जिले के सभी 22 थानों में साइबर कमांडो सेल का गठन होगा। एक इंस्पेक्टर को इसका प्रभारी बनाया जाएगा। साइबर सुरक्षा के लिए प्रशिक्षित पुलिसकर्मी भी इस सेल का हिस्सा होंगे। इन सबको साइबर कमांडों कहा जाएगा।
कोई घटना सामने आते ही थाने स्तर पर ही मामले के निस्तारण की कोशिश होगी। ठगी के मामलों में तुरंत बेंक खाता सीज किया जाएगा। गंभीर मामलों को ही जिला मुख्यालय भेजा जाएगा। साइबर कमांडो ग्रामीण इलाकों में लोगों को जागरुक भी करेंगे। जिला स्तरीय साइबर सेल के प्रभारी विजय वीर सिंह सिरोही साइबर क्राइम के एक्सपर्ट हैं। 2012 में आईटी एक्ट आने के बाद सिरोही ने लखनऊ में लोगों के करोड़ों रुपये वापस कराए थे। पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया था। विभाग इनके अनुभव का भी लाभ लेगा। (संवाद)
ऑनलाइन शिकायतों की भरमार
साइबर अपराध के आधा दर्जन शिकायती पत्र रोज आते हैं। जिले में राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल व साइबर हेल्प लाइन नम्बर 1930 पर रोजाना एक दर्जन से अधिक शिकायतें पहुंच रही हैं।
पीड़ित सबसे पहले थाने पहुंचता है। इसलिए अब अब हर थाने में साइबर कमांडो सेल का गठन किया जा रहा है। सेल में तैनात होने वाले साइबर कमांडो ग्रामीण इलाकों में जागरूक भी करेंगे।
- डॉ. अखिलेश नारायण सिंह, एएसपी दक्षिणी