बाराबंकी। बीते पांच साल में जिले की नगर पालिका व नगर पंचायतों में लाइट लगाने से लेकर नाला, सड़क निर्माण आदि कार्यों की जांच कराने के लिए डीएम के आदेश पर एक कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी प्रत्येक नगर पंचायत व नगर पालिका के कार्यों की जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इसके बाद जो भी गड़बड़ी मिलेगी उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। लाइट से लेकर अन्य कार्यों में करोड़ों का गोलमाल किया गया है। अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया था जिसके बाद अब कार्रवाई शुरू की जा रही है।
जिले में तेरह नगर पंचायत व एक नगर पालिका है। इन जगहों पर शहरी सुविधाएं देने के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार के स्तर से प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये का बजट दिया जाता है। इससे यहां पर रोड लाइट, सड़क, नाली व पेयजल के इंतजाम किए जाते हैं। इसके साथ ही साफ सफाई पर भी काफी पैसा खर्च किया जाता है। लेकिन यहां पर हाल यह है करोड़ों रुपये खर्च कर जो लाइटें लगाई गई हैं उनमें जमकर गोलमाल हुआ है। वास्तविक कीमत के तीन गुना से भी ज्यादा इन लाइटों को लगाने का भुगतान कर दिया गया है।
यही नहीं जिन कंपनी की लाइटें लगी हैं भुगतान उनके नाम पर हुआ है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है, जहां दूसरी कंपनी की लाइटें लगा दी गई हैं। ऐसे में एक बड़े घोटाले की भी आशंका जताई जा रही है। अब कार्रवाई से बचने के लिए नगर पालिका व पंचायत के अफसर से लेकर ठेकेदार अपने जुगाड़ में लग गए हैं। यह प्रयास किया जा रहा है कि जब जांच हो तो सब पाक साफ दिखाया जा सके। लेकिन जिस तरह से घपलेबाजी हुई है उससे बड़ी कार्रवाई होने के संकेत मिल रहे है।
सोलर पैनल लगाने में भी हुआ खेल
ज्यादातर नगर पंचायत कार्यालयों में बड़े-बड़े सोलर प्लांट लगाए गए हैं। बिजली की खपत कम करने के लिए यह काम हुआ है। लेकिन इन प्लांट को लगाने में भी खूब कमीशनबाजी का खेल हुआ है। नई की जगह पुरानी बैट्री लगाने के साथ ही लागत से दो-तीन गुना ज्यादा का भुगतान भी कर दिया गया है। ऐसे में लाइट के साथ यदि इसकी भी जांच होगी तो कईयों गर्दन फंस सकती है।
नगर पालिका व नगर पंचायतों में बीते पांच साल में हुए कार्यों की जांच कराई जाएगी। इसके लिए कमेटी बनाई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
-एकता सिंह, सीडीओ