हैदरगढ़ (बाराबंकी)। सुबेहा थाना क्षेत्र के ओहरामऊ गांव में बुधवार देर रात एक युवक की लाठी-डंडों से पीटकर हत्या कर दी गई। युवक को पूरी रात अस्पताल ले नहीं जाया गया और न पुलिस को सूचना दी गई। बृहस्पतिवार भोर युवक ने दम तोड़ दिया। एएसपी व सीओ ने मौके पर पहुंचकर जांच की। हत्या के पीछे रुपये के लेनदेन या आशनाई का विवाद बताया जा रहा है। पांच लोगों पर हत्या का केस दर्ज कर तीन को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस के मुताबिक, सुबेहा थाना क्षेत्र के ओहरामऊ गांव में देर रात हरिभजन यादव के पुत्र दीपक यादव (28) को गांव के ही किशन ने फोन कर बुलाया था। इस दौरान आबादी के बाहर हाता में दीपक पर लाठी-डंडों से हमला किया गया। पड़ोसियों की सूचना पर मृतक के परिवारीजन पहुंचे तो हमलावर भाग चुके थे।
घायल युवक के शरीर पर कपड़े तक नहीं थे। परिवारीजन रात में उसे लेकर अस्पताल नहीं पहुंचे और न ही पुलिस को खबर दी। सुबह साढ़े पांच बजे घायल दीपक को अस्पताल ले जाने की तैयारी की जा रही थी तभी उसकी मौत हो गई। भाई देवीलाल यादव ने बताया कि दीपक व आरोपी किशन इंदौर में रहकर नौकरी करते थे। कोरोना में दो साल पहले दोनों वापस लौटे थे। इसके बाद किशन वापस इंदौर नहीं गया। दीपक पांच दिन पहले फिर इंदौर से गांव लौटा था।
घायल अवस्था में उसने सुरेंद्र, चंदन, किशन तथा किशन की पत्नी व पुत्र द्वारा लाठी-डंडे से पीटे जाने की बात कही थी। एसएसपी मनोज पांडेय व सीओ डॉ. बीनू सिंह ने मौके पर पहुंचकर जांच की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया। पुलिस ने भाई देवीलाल की तहरीर पर पांच के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी चंदन, सुरेंद्र व किशन की पत्नी को हिरासत में लिया है।
एएसपी श्री पांडेय ने बताया कि किशन की पत्नी से दीपक के प्रेम प्रसंग होने की बात सामने आई है। इसको लेकर इन दोनों में पहले भी कहासुनी हुई थी। एएसपी ने बताया कि रात में घायल दीपक को अस्पताल नहीं ले जाया गया और न ही पुलिस को सूचना दी गई। सुबह उसकी मौत हुई।
परिवार का सहारा था युवक
दीपक अपने परिवार का कमासुत था। उसकी मौत के बाद उसकी पत्नी बेसहारा हो गई है। जवान बेटे की मौत से पिता हरिभजन भी सदमे में हैं। दीपक इंदौर में रहकर प्राइवेट नौकरी करता था और वहां पत्नी के साथ रहता था। पूरे परिवार के पालन पोषण की जिम्मेदारी भी उसी पर थी। ऐसे में दीपक की हत्या से पूरे परिवार पर मानो गाज गिर गई है।