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हत्या कर नहर में फेंका विवाहिता का शव

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कोठी (बाराबंकी)। विवाहिता की हत्या कर नहर में फेंका गया शव शुक्रवार को उतराता मिला। कोठी थाना क्षेत्र के बसंतपुर गांव के पास नवाबगंज रजबहा में शव मिलने की सूचना से हड़कंप मच गया। इसकी जानकारी होते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया। शव की शिनाख्त एक दिन पहले पति द्वारा दी गई सूचना के मुताबिक लापता सुमन के रूप में हुई। इस मामले में पुलिस ने मृतका के पिता की तहरीर पर पति पर दहेज हत्या का केस दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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बसंतपुर गांव के पास शुक्रवार की सुबह सुमन का शव नहर में उतराता मिला। इसकी सूचना पर पुलिस व परिवारीजन मौके पर पहुंचे। इसके बाद पति राहुल ने सुमन की मौत होने की जानकारी साले सूरज को फोन पर दी। इस पर पहुंचे मसौली थाना क्षेत्र के सुरसंडा गांव निवासी मृतक के पिता रामतीरथ जायसवाल ने बेटी की हत्या कर शव को नहर में फेंकने का आरोप दामाद पर लगाया। पिता ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसकी बेटी सुमन का विवाह पांच वर्ष पहले 2017 में कोठी थाने के उस्मानपुर गांव निवासी राहुल जायसवाल के साथ हुआ था।
विवाह में उसने अपनी हैसियत के मुताबिक घर-गृहस्थी का सामान भी दिया। मगर, बेटी को प्रताड़ित किया जाता था। एक पखवाड़ा पहले भी दामाद ने एक लाख रुपये की मांग की थी। वह पूरी होती उससे पहले बृहस्पतिवार की शाम पति राहुल ने पत्नी सुमन के लापता होने की सूचना कोठी पुलिस को दी। इस पर पुलिस ने पति राहुल पर हत्या का केस दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इंस्पेक्टर संजीत कुमार सोनकर ने बताया कि मामले में दहेज हत्या का केस दर्ज किया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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मासूम बच्चों से छिन गई मां की गोद
उस्मानपुर चौराहे पर किराए के मकान में पति के साथ रहने वाली सुमन के तीन बच्चे हैं। इसमें बेटी चार वर्षीय बेटी अनामिका व दो वर्षीय जुड़वा पुत्र वंश व अंश हैं। मां की मौत के बाद इन मासूमों से जहां मां की गोद छिन गई। वहीं बेटी अनामिका व मासूम बच्चे रोते-बिलखते रहे। अब इन बेटों की परवरिश कौन करेगा। इसको लेकर भी लोग तरह-तरह की चर्चा करते रहे। परिवार में सिर्फ राहुल की बुजुर्ग मां है जो गांव में रहती है।
संवेदनहीनता की हदें पार, बिना सील किए पोस्टमार्टम को भेजा महिला का शव
बाराबंकी। विवाहिता के नहर में शव मिलने के मामले में कोठी पुलिस ने संवेदनहीनता की सारी हदें पार कर दी। परिवारीजनों को शव दिखाए बिना ही पहले से तैयार पंचनामा पर हस्ताक्षर कराया। उसके बाद बिना सील किए ही कपड़े में लपेटकर पोस्टमार्टम को भेज दिया। मगर, पोस्टमार्टम हाउस में बिना सील किए पहुंचे शव को देख डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम से इंकार कर दिया। इसके बाद हड़कंप मच गया। आननफानन कोठी पुलिस पहुंची और शव सील किया गया। लेकिन देर शाम तक पोस्टमार्टम नहीं हो सका।
कोठी क्षेत्र में हत्या का फेंका गया विवाहिता का शव नहर में उतराता मिला। सूचना पर कोठी के प्रभारी निरीक्षक पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। शव को बाहर निकलवाने व जांच के बाद प्रभारी निरीक्षक वहां से चले गए। उसके बाद मौजूद दरोगा दिनेश यादव व रमेश यादव ने कपड़ा व प्लास्टिक मंगाने के बाद वाहन पर शव लादकर थाने ले आए। मृतका के भाई सूरज जायसवाल का आरोप है कि उसको देर से सूचना मिली। वह जब तक पहुंचता शव को पुलिस थाने ले आई थी।
यहां पहुंचने पर शव को दिखाने को कहा गया। मगर, पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव देखने की बात कहते हुए बिना पढ़ाए ही पहले से तैयार पंचनामा पर उसके और पिता रामतीरथ, मां कृष्णा, प्रमोद व आलोक के हस्ताक्षर करा लिये। उसके बाद बिना सील किए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
मगर, पोस्टमार्टम हाउस में शव सील न होने पर डॉक्टर ने पोस्टमार्टम करने से इंकार कर दिया। काफी जद्दोजहद के बाद बात नहीं बनी तो देर शाम कोठी के प्रभारी निरीक्षक संजीत कुमार सोनकर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि शव को किट में रखकर भेजा गया था। पोस्टमार्टम हाउस से सील न होने की सूचना मिली है। मौके पर पहुंच जांच की जा रही है। संवाद
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