31- बाराबंकी। हैदरगढ़ कोतवाली क्षेत्र के बरावां गांव गोली मारकर की गई हत्या- मृतक- अमित सिंह। फाइल ?
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हैदरगढ़ (बाराबंकी)। पोल्ट्रफार्म पर शराब के नशे में हुए विवाद में अवैध तमंचे से गोली मार कर एक युवक की हत्या कर दी गई। जबकि गोली लगने से घायल उसके साथी को गंभीर दशा में ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया। सूचना मिलते ही एसपी व एएसपी ने घटनास्थल का निरीक्षण कर प्रभारी निरीक्षक को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस मामले में मृतक के भाई की तहरीर पर गांव के ही सात लोगों के खिलाफ हत्या का नामजद मुकदमा दर्ज किया गया।
मामला हैदरगढ़ कोतवाली के बरांवा गांव का है। मंगलवार की रात यहां के निवासी अमित सिंह (32) पुत्र साहब बख्श सिंह गांव के ही अपने मित्र कुलदीप तिवारी व भाई अनिल सिंह के साथ बोलेरो से हैदरगढ़ से वापस घर जा रहे थे। वे गांव के पास स्थित पोल्ट्री फार्म पर रुके। यहां पर पहले से ही कुछ लोग मौजूद थे। इसके बाद यहां पर शराब का दौर शुरू हुआ। इसके बाद आपस में कहासुनी के बाद विवाद बढ़ गया। फिर क्या एक पक्ष की ओर से अमित पर तमंचे से फायर कर दिया गया। अमित के सीने व कंधे पर तीन गोली लगने से उसकी मौत हो गई। वहीं उसके साथ कुलदीप को गोली लगने पर आनन-फानन में सीएचसी पहुंचाया गया।
जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया। सूचना पाकर रात में ही पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक डॉ. अरविंद चतुर्वेदी व अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी मनोज पांडेय ने घटना स्थल का निरीक्षण कर कोतवाली पुलिस को आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं। वहीं कोतवाली पुलिस ने मृतक के भाई अनिल सिंह की तहरीर पर गांव के ही दिलीप शुक्ला, पवन सिंह, कामेश, झब्बन, मानसू, सत्य शुक्ला व तौफीक पर हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद पुलिस ने रात में ही कई लोगों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ कर घटना के खुलासे में लगी है। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह रघुबंशी ने बताया कि हत्यारोपियों की तलाश व हत्या में प्रयुक्त अवैध असलहा बरामद करने को लेकर दबिश दी जा रही है।
युवक की गोली मारकर हत्या की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मौके पर पहुंचने पर मुकदमा दर्ज करने में तेजी दिखाने वाली कोतवाली मुकदमें में घायल के नाम के साथ अन्य कई महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल करना ही भूल गई। मृतक के भाई की जिस तरहीर पर मुकदमा दर्ज किया गया। उसे गोली लगने से सीएचसी से लखनऊ रेफर किए गए कुलदीप का जिक्र ही नहीं था। ऐसे में अब पुलिस अपनी चूक को विवेचना में सुुधार करने की दलील देकर अपना बचाव कर रही है। इस मामले में एसपी डा. अरविंद चतुर्वेदी ने बताया कि विवाद में दो लोगों को गोली लग गई थी जिसमें एक की मौत हो गई है। जल्द गिरफ्तारी होगी।