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Balrampur News: पुणे में 16 करोड़ की जमीन डील का राज बताएगा मोहम्मद अहमद

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बलरामपुर।
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विदेशी फंडिंग के सहारे धर्मांतरण और करोड़ों की संपत्ति अर्जित करने वाले जलालुद्दीन उर्फ छांगुर प्रकरण में एटीएस की जांच अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। एटीएस ने महाराष्ट्र के पुणे में की गई 16 करोड़ रुपये की जमीन डील से जुड़े अहम लोगों को तलब करते हुए कार्रवाई तेज कर दी है।
एटीएस के उपाधीक्षक संजय सिंह द्वारा जारी नोटिस में मोहम्मद अहमद खान (मूल निवासी उतरौला क्षेत्र के नया नगर और वर्तमान पता 115/2/शिव कृपा कॉलोनी, कालेवाडी, पिंपरी, महाराष्ट्र) को बयान दर्ज कराने के लिए 13 अक्तूबर को एटीएस कार्यालय, अनौरा (लखनऊ) में पेश होने का आदेश दिया गया है।
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एटीएस की जांच में यह खुलासा हुआ है कि छांगुर ने महाराष्ट्र में धर्मांतरण की गतिविधियों को मजबूत करने के लिए आधार तैयार किया था। इसके लिए उसने पुणे की मेवाल तहसील के ग्राम कुनेनामा लोनावला में 16 करोड़ रुपये की जमीन का सौदा किया था। यह जमीन मारुति रामू सेठ, सुंदर भाई और कांती बालू तेवार से खरीदी गई थी। इस सौदे में छांगुर के साथ नवीन घनश्याम रोहरा और मोहम्मद अहमद खान साझेदार के रूप में शामिल थे। जमीन के अनुबंध में बलरामपुर शहर की संगीता देवी का नाम भी दर्ज किया गया।
एटीएस ने अब तक चार गिरफ्तारियां कीं
एटीएस ने जमीन एग्रीमेंट में जलालुद्दीन उर्फ छांगुर, नवीन रोहरा, नीतू रोहरा और संगीता देवी के पति राजेश उपाध्याय (सीजेएम कोर्ट में बाबू के पद पर तैनात था) को गिरफ्तार कर लिया है। इनसे पूछताछ में एटीएस को कई अहम सुराग मिले हैं। एजेंसी को संदेह है कि विदेशी फंडिंग के माध्यम से धर्मांतरण के नाम पर करोड़ों की रकम जमीन खरीदने और अन्य गतिविधियों में लगाई गई थी।
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अहम किरदार मोहम्मद अहमद से पूछताछ के बाद खुलेंगे नए राज
मामले में अहम कड़ी माने जा रहे मोहम्मद अहमद खान से पूछताछ बाकी है। सूत्रों के अनुसार उसके बयान के बाद पुणे की जमीन डील और विदेशी फंडिंग के नेटवर्क की भी पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकती है। एटीएस ने अब सभी साक्ष्य एकत्र कर जांच को अंतिम रूप देने की तैयारी शुरू कर दी है। एजेंसी का फोकस यह जानने पर है कि विदेशी स्रोतों से आई धनराशि किस माध्यम से भारत पहुंची और इसका उपयोग धर्मांतरण व संपत्ति खरीद में कैसे किया गया।
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