बाराबंकी। जिले के 60 से अधिक पीआरडी जवानों की नौकरी खतरे में पड़ गई है। ऑनलाइन फीडिंग के लिए जब इन जवानों के कागजात चेक हुए तो जो खुलासा हुआ उसे देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। अंक पत्रों से जन्मतिथि का मिलान हुआ तो 60 से अधिक पीआरडीकर्मी ऐसे पाए गए जिन की नौकरी की शुरुआत नाबालिग अवस्था में होनी पाई गई।
विभाग ने इनकी सूची निदेशालय को भेज दी है। इन कर्मचारियों की नौकरी पर खतरा मंडरा रहा है। इन्हें ड्यूटी देना भी बंद कर दिया गया है। इससे हड़कंप मचा है। पीआरडी जवान युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल के कर्मचारी होते हैं।
होमगार्ड की तरह यह भी बावर्दी ड्यूटी करते हैं। जिले में 400 से अधिक पीआरडी जवान है। अप्रैल माह के बात पीआरडी जवानों की ड्यूटी ऑनलाइन लगाने का आदेश आया। इसके बाद युवा कल्याण एवं प्रादेशिक जल विभाग ने अपने सभी पीआरडी जवानों से उनके शैक्षिक कागजात मांगे ताकि उनकी फीडिंग हो सके और ऑनलाइन ड्यूटी लगाई जा सके।
करीब 400 पीआरडी जवानों के अंकपत्र व अन्य कागजात चेक किए गए तो विभागीय अधिकारी दंग रह गए। इनमें 60 से अधिक की पीआरडी जवानों के अंक पत्र में दर्ज जन्मतिथि यह बता रही थी कि उन्हे नाबालिग अवस्था में ही नौकरी मिल गई थी। यह जानकारी इन कर्मचारियों को देते हुए इनकी सूची बनाई गई और उपनिदेशक के माध्यम से पूरी जानकारी निदेशालय भेजी गई है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार इन कर्मचारियों की नौकरी खतरे में पड़ सकती है। इसका खुलासा होने के बाद पीआरडी कर्मी विकास भवन दफ्तर स्थित विभाग के कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। कई कर्मचारियों ने बताया कि जब पीआरडी जवान के रूप में नौकरी मिली थी तो उम्र ऐसे ही पूछ ली गई थी। फिलहाल अपनी नौकरी बचाने के लिए यह सभी कर्मचारी अब जुगाड़ लगा रहे हैं।
60 से अधिक पीआरडी जवान अंडर एज मिले हैं। इनकी सूची निदेशालय को भिजवा दी गई है। अब जैसा आदेश मिलेगा उसी हिसाब से कार्रवाई की जाएगी।
प्रबोध कुमार, जिला युवा कल्याण एवं प्राविद अधिकारी।