बाराबंकी। तहसील क्षेत्र रामनगर में सरयू की बाढ़ से तबाह हुए तीन गांवों के 600 परिवारों के लिए मॉडल कॉलोनी विकसित करने की कवायद शुरू हो गई है। यह ऐसी कॉलोनी होगी जो प्रदेश के अन्य बाढ़ प्रभावित जिलों के लिए नजीर बनेगी। डीएम सत्येंद्र कुमार की इस पहल के तहत कॉलोनी में नए स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, सामुदायिक केंद्र व उप स्वास्थ्य केंद्र तक की सुविधाएं दी जाएंगी।
सरयू की बाढ़ से रामनगर के दो दर्जन से अधिक गांव सीधे प्रभावित होते हैं जबकि करीब सात-आठ गांवों में बाढ़ की त्रासदी के कारण लोगों का जीवन मुश्किल हो जाता है। इस बरसात में सरयू के बाढ़ से हुए कटान में बबुरीगांव, केदारीपुर व बेलहरी गांवों का नामोनिशान नहीं बचा।
बबुरी व बेलहरी गांव के सरकारी स्कूल तक नदी में समा गए। इसके बाद प्रशासन ने इन परिवारों को नए घर बनाने के लिए नदी से दूर तटबंध के इस पार अटहरी, बतनेरा व गोड़ा गांव में सरकारी जमीनों को चिह्नित कर कब्जा भी दिया। अब तक तीन गांवों के 241 परिवारों को घर बनाने के लिए जमीन व प्रति परिवार 1.20 लाख रुपये दे दिए हैं।
डीएम सत्येंद्र कुमार के निर्देश पर रामनगर तहसील प्रशासन इसे कॉलोनी के रूप में विकसित करने के लिए कसरत में जुट गया है। तहसीलदार भूपेंद्र सिंह ने बताया कि करीब 600 परिवारों की कॉलोनी विकसित करने की योजना है। यहां सुविधाओं की पहल भी हो गई है। नवरात्र में करीब 40 परिवारों ने मकान का निर्माण शुरू करा दिया है।
निजी जमीन भी खरीदने की तैयारी
अटहरी, बतनेरा व गोड़ा गांव में कॉलोनी विकसित करने को लेकर निजी जमीन भी खरीदने की तैयारी है। इसके लिए करीब 12 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है। एसडीएम रामनगर पवन कुमार ने बताया कि उन परिवारों को भी यहां बसाने की योजना है जो नदी किनारे संकटग्रस्त श्रेणी में आते हैं।
बनेगी सड़क, खिंचेगी बिजली की लाइन
सरयू की बाढ़ से प्रभावित होने वाले परिवारों के लिए मॉडल कॉलोनी विकसित करने की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है। इस कॉलोनी में करीब छह मीटर की सड़क, बिजली लाइन, आंगनबाड़ी केंद्र, सामुदायिक भवन व स्कूलों का निर्माण कराया जाएगा।
-सत्येंद्र कुमार, डीएम