देवा (बाराबंकी)। हाजी वारिस अली शाह की सरजमीं देवा में एक बार फिर आस्था और विश्वास के साथ विज्ञान की जयकार हुई। इसे सीसीटीवी फुटेज के रूप में मिले विज्ञान की मदद से पुलिस द्वारा किए गए प्रयास व हाजी वारिस के प्रति जायरीनों की अट्टू आस्था का परिणाम ही कहेंगे मजार परिसर से खोए दुधमुंहा बच्चे को बरामद कर पुलिस ने इन्हें चुराने वाले दंपत्ती को भी गिरफ्तार कर लिया।
मजार परिसर से अपने कलेजे को टुकड़े (पुत्र) के चोरी होने के बाद गोंडा की महिला हाजी वारिस की मजार पर माथा रखकर उनसे ही अपने पुत्र की वापसी की दुआ मांगती रही, उसकी करुणा को देखकर अन्य जायरीन भी हाजी वारिस से इंसाफ की दुआ मांगने लगे।
उधर पुलिस ने भी मजार में लगे सीसीटीवी की फुटेज को बारीकी से खंगाल कर मामले की जांच पड़ताल की। देवा कोतवाली की कस्बा इंचार्ज रश्मि कुशवाहा की संवेदनशीलता काफी अहम रही। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर इस बात की पुष्टि करने में सफल रही कि बच्चा चोरी करने वाला कौन है। बच्चा वापस मिलने पर हर कोई हाजी वारिस की जयकार करता दिखा। पुलिस ने बुधवार को नवजात को चोरी करने वाले दंपती को जेल भेज दिया गया।
यह था मामला
31 मार्च को ईद के दिन जनपद गोंडा के करनैलगंज की निवासी सिमरन अपने पांच माह के बच्चे की मन्नत पूरी करने के लिए सूफी संत की मजार पर अन्य बच्चों के साथ आई थी। देर हो जाने पर रात में मजार परिसर में ही रुक गई थी। रात में उसका पांच माह का दुधमुंहा बच्चा चोरी हो गया। पुलिस ने बाराबंकी रेलवे स्टेशन से बिहार राज्य जिला गोपालगंज के थाना उचक्का के डुमरिया गांव निवासी अकबर अली व उनकी पत्नी हसीबुन को गिरफ्तार कर बच्चा बरामद किया।
आरोपी अकबर ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि उसके कोई संतान नहीं है। बच्चा चुराने के लिए वह मजार परिसर में सिमरन के सोने का इंतजार करते रहे। उसके सोने के बाद रात में करीब तीन बजे बच्चे को लेकर पत्नी के साथ चल दिया। अपना सामान भी वहीं छोड़ दिया ताकि शक न हो।