बाराबंकी। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल कर दावा किया गया कि उत्तर प्रदेश में आईएएस परीक्षा में खुलेआम नकल कराई जा रही है। वीडियो में यह भी दावा किया गया कि प्रधानमंत्री के निर्देश पर बिना परीक्षा के ही लेटर एंट्री के नाम पर आईएएस अधिकारियों की भर्ती की जा रही है। इससे अब कलेक्टर जैसे अधिकारी भी नकल करके पास होकर देश चलाएंगे। हालांकि अमर उजाला वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता।
वायरल वीडियो का मामला पीएमओ तक पहुंचने के बाद पुलिस व प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। आनन फानन में साइबर सेल से कराई गई जांच में सामने आया कि यह वीडियो वीडियो 27 फरवरी को बाराबंकी के सिटी लॉ कॉलेज की विधि की परीक्षा की प्रथम पाली का था, जिसे आईएएस परीक्षा का बता कर वायरल किया गया। इसके बाद बाराबंकी के साइबर थाने के प्रभारी संजीव कुमार यादव की तहरीर पर केस दर्ज कर पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
जांच में सामने आया कि वीडियो बदायूं के एक व्यक्ति द्वारा पोस्ट किया गया, जो अब वायरल हो रहा है। एसएचओ संजीव कुमार यादव ने बताया कि यह वीडियो प्रधानमंत्री, भारत सरकार और संघ लोक सेवा आयोग की छवि धूमिल करने तथा परीक्षार्थियों को भ्रमित करने की कोशिश है। साइबर थाने में डॉ. राकेश प्रजापति शिल्पकार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जल्द ही गिरफ्तारी होगी।