लाखों खर्च के बावजूद हजारों की आबादी शाम ढलते ही अंधेरे में गुजर बसर करने को मजबूर है। जिले के कई गावों में अब भी बिजली ही नहीं पहुंची है। राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत कई गांवों में खंभे लगा दिए गए लेकिन बिजली के तार नहीं खींचे गए।
यही नहीं कई गांवों में कार्य अधूरा पड़ा है तो कई गांवों में घर-घर मीटर लगा दिए गए लेकिन खंभे का पता नहीं।
क्षेत्र के गाम पंचायत मीरपुर मजरे लोकईपुरवा में करीब 9 माह पहले घर-घर में विद्युत मीटर लगा दिए गए। लेकिन पोल व विद्युत तार का पता नहीं है।
विकास की दौड़ में पीछे रह गए ऐसे गांवों में होनहार अब भी परीक्षा की तैयारी ढिबरी की रोशनी में कर रहे हैं। इन गावों के बड़े बुजुर्गों को भी इंतजार है कि उनके बच्चों को बिजली मयस्सर हो जाए। अल्लापुर, रानीमऊ, नहरवल, महमूदपुर, करन्धा, नंदऊपारा, गौरा सरैया जैसे कई गांवों में राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत विद्युतीकरण का कार्य अधूरा पड़ा है।
बोर्ड परीक्षा के परीक्षार्थियों को लालटेन व ढिबरी की रोशनी में तैयारी करनी पड़ रही है। गांव के उमेश कुमार, नेम कुमार, चंद्रिका प्रसाद, गयादत्त, मुनीम, जब्बार अली, अंकित, सलीम आदि लोगों ने इसकी शिकायत एसडीएम से की है।