बाराबंकी। जीएसटी स्लैब में हुए बदलाव का सीधा फायदा जीवनरक्षक दवाओं और अन्य औषधियों के दामों में आई कमी से आमजन को हो रहा है। नई व्यवस्था में 33 जीवन रक्षक दवाओं पर जीएसटी दर को 12 प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दिया गया है। इसके अलावा कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली तीन जीवनरक्षक दवाओं और औषधियों पर भी जीएसटी की 5 प्रतिशत दर को घटाकर शून्य कर दिया गया है।
जीवनरक्षक और कैंसर की दवाओं को जीएसटी से मुक्त करने का सरकार का फैसला मरीजों और उनके परिवारों को सीधी राहत देने वाला साबित हो रहा है। बाजार में मौजूद दवाओंं की एमआरपी पर भी छूट देकर ही दवाएं बेची जा रही हैं।
बिल में दे रहे नई व पुरानी दोनाें एमआरपी
फोटो- 14
अब जो बिल दिए जा रहे हैं, उसमें पुरानी व नई एमआरपी दोनों का उल्लेख किया जा रहा है। इसके बाद स्लैब केे अनुसार ग्राहक को दी जाने वाली छूट को भी बिल पर अंकित किया जा रहा है। इसका सीधा फायदा फुटकर उपभोक्ताओं को मिलेगा।
- विवेक गुप्ता, थोक विक्रेता
दवाओं पर दी रही है 6.25 प्रतिशत की छूट
जीएसटी को 12 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत करने से उपचार का बोझ कम होगा। जीएसटी स्लैब में बदलाव के बाद से ही छूट जा रही है। दवाओं में एमआरपी पर 6.25 प्रतिशत की छूट ग्राहकों को दी जा रही है।
- शिवम गुप्ता, दवा व्यवसायी फुटकर विक्रेता
कंपनी से जारी नहीं हुई कोई सूची
अभी कंपनी की ओर से कोई नई रेट लिस्ट जारी नहीं हुई है। जो भी दवाएं हैं उस पर सवा छह फीसदी छूट दी जा रही है। मेडिकल उपकरण और डायग्नोस्टिक किट्स भी सस्ते हो गए हैं। ग्राहक भी छूट को लेकर काफी सजग हैं।
- श्रेयांश जैन, दवा व्यवसायी
थोड़ी ही सही लेकिन मिली राहत
दवा के रेट कम होने से थोड़ी ही सही लेकिन राहत मिली है। जो दवा पिछले हफ्ते 480 रुपये की ली थी, इस बार 451 रुपये की मिली है। दवाओं के दाम कम होने से हर वर्ग को फायदा मिलेगा।
- चौधरी शैलेंद्र, ग्राहक