बाराबंकी। जिले की 168 ग्राम पंचायतों में संवारे जा रहे आधुनिक सामुदायिक पुस्तकालयों के सपने पर घटिया फर्नीचर की सप्लाई ने ब्रेक लगा दिया है। शासन की मंशा के विपरीत कंप्यूटर टेबल की जगह साधारण टेबल और बिना लॉकर वाले फर्नीचर भेजकर रस्म अदायगी करने का मामला उजागर हुआ है। इसका खुलासा होने के बाद पंचायती राज विभाग सख्त रुख अपनाया है। निदेशालय स्तर से तय प्रारूप पर खरीदी गई हर टेबल व आलमारी का सत्यापन करने का निर्देश जारी किया गया है। तब तक आपूर्तिकर्ता फर्म के भुगतान पर भी रोक लगा दी गई है।
डीपीआरओ भूषण कुमार ने बताया कि जब तक ठेकेदार एक-एक सामान मानक के अनुरूप नहीं बदलेगा, तब तक बकाया धनराशि का भुगतान नहीं किया जाएगा। वहीं सुस्त गति से काम चलने के कारण डिजिटल लाइब्रेरी शुरू न होने पर निदेशालय स्तर से बाराबंकी सहित अन्य जिलों को चेतावनी पत्र भी जारी किया गया है। लाइब्रेरी के लिए खरीदी गईं टेबल व अलमारी में गड़बड़ी उजागर होने के बाद ग्राम पंचायत सचिवों को एक तय प्रारूप पर भौतिक सत्यापन के निर्देश दिए गए हैं।
सचिवों को लाइब्रेरी में मौजूद सामान्य व कंप्यूटर टेबल की लंबाई, चौड़ाई, मोटाई, लॉकर, आलमारियों और किताबों की सटीक गिनती कर पूरी रिपोर्ट देनी होगी। यही नहीं, पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सामान और पंचायत भवन की जियो-टैग फोटो भी डिजिटल लाइब्रेरी नाम से बने विशेष व्हाट्सएप ग्रुप पर अपलोड करनी होगी। शत-प्रतिशत स्तर पर सत्यापन के बाद संबंधित सामग्री ठेकेदार फर्म को भुगतान होगा।
गांवों में सजेगी किताबों की दुनिया, मिलेगा हाई-स्पीड इंटरनेट
जिले की 168 ग्राम पंचायतों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह योजना बेहद अहम है। नेशनल बुक ट्रस्ट (एनबीटी) और अन्य प्रमुख प्रकाशकों की हजारों पुस्तकें पंचायतों तक पहुंच चुकी हैं। सिर्फ किताबें ही नहीं, इन पुस्तकालयों को हाई-स्पीड इंटरनेट, कंप्यूटर और आईटी उपकरणों से लैस किया जाएगा ताकि गांव के बच्चे भी ऑनलाइन तैयारी कर सकें। जल्द ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ से डिजिटल माध्यम से इन पुस्तकालयों का भव्य शुभारंभ करेंगे।