इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस के ब्लड में भारी गड़बड़ी पाई गई है। सहायक आयुक्त औषधि की टीम ने मंगलवार को जांच की तो ब्लड बैंक में हर स्तर पर खामियां मिली। जांच टीम ने बताया कि गड़बड़ियों को देखते हुए ब्लड बैंक का लाइसेंस निरस्त हो सकता है।
राजधानी के कई ब्लड बैंकों में मिली गड़बड़ियों को देखते हुए सूबे के सभी जनपदों में ब्लड बैैंकों की स्थित का जायजा लेने के लिए ड्रग कंट्रोलर उत्तर-प्रदेश एके मेहरोत्रा के निर्देश पर सहायक आयुक्त औषधि प्रशासन फैजाबाद के नेतृत्व में एक जांच दल ने मंगलवार सुबह मेयो इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस के ब्लड बैंक में छापा मारा। इस दौरान कैलीब्रेशन सर्टिफिकेट की मशीन खराब पाई गई।
ब्लड डोनर रजिस्टर पर दानदाताओं के नाम व पते गलत पाए गए। अस्पताल प्रशासन एडवर्स रिएक्शन का रिकार्ड भी नहीं दिखा सका। यहां तक कि ब्लड डोनेट करने वालों का चेकअप पूरा किए बिना ही ब्लड निकाले जाने की पुष्टि हुई है। जिसका वजन 55 किलो है उसे 80 किलो का बताया गया है। जांच टीम का में सहायक आयुक्त औषधि प्रशासन पीके तिवारी, डीआई फैजाबाद उदयभान, डीआई अमेठी नवीन कुमार व बाराबंकी के डीआई ओम प्रकाश यादव शामिल थे।
ज्यादा वजन दिखाकर निकाला ब्लड
जांच टीम को डोनर रजिस्टर में दानदाताओं के अधिकतर नाम व पते व मोबाइल नंबर गलत मिले। बाराबंकी के अर्जुन से फोन पर बात कर उसका वजन पूछा गया तो उसने अपना वजन 55 किलोग्राम के आस-पास बताया जबकि उसका वेट रजिस्टर पर 80 किलोग्राम दर्ज था। इसी प्रकार मोनू का वेट 52 है पर रजिस्टर पर 70 किलोग्राम दर्ज पाया गया।
बैग पर दर्ज मिली अधूरी रिपोर्ट
ब्लड बैग पर डोनेटरों की पूरी सूचना दर्ज नहीं थी। ब्लड बैग पर वालेंट्री डोनर या रिप्लेसमेंट डोनर की कोई सूचना नहीं अंकित थी। जिस पर टीम ने नाराजगी जताते हुए कार्रवाई करने की बात कही है।
मेयो ब्लड बैंक का लाइसेंस हो सकता निरस्त
सहायक आयुक्त औषधि प्रशासन पीके तिवारी ने कहा कि जांच रिपोर्ट दो दिन के अंदर उत्तर प्रदेश ड्रग कंट्रोलर को पेश की जाएगी। यहां जिस तरह कमियां पाई गई हैं उसके अनुसार ब्लड बैंक का लाइसेंस निरस्त हो सकता है।
ड्रग कंटोलर उत्तर-प्रदेश एके मेहरोत्रा के निर्देश पर सहायक आयुक्त औषधि प्रशासन के नेतृत्व में गठित टीम ने मेयो हास्पिटल के ब्लड बैंक में छापा मारा। इस दौरान अस्पताल प्रशासन के अभिलेखों समेत कई कमियां पाई गई हैं। जांच रिपोर्ट शासन को भेजने के बाद दो कार्रवाई की जाएगी।
- ओम प्रकाश यादव, ड्रग इंस्पेक्टर