प्रमन श्रीवास्तव
बाराबंकी। अब स्कूलों में मनदूत और मनपरी मानसिक रूप से बीमार बच्चों की पहचान कर उनकी काउंसिलिंग करेंगे। पारिवारिक तनाव, शिक्षा के दबाव के बीच मानसिक बीमारी का शिकार हो रहे बच्चों के लिए जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत नई पहल शुरू की गई है। इसके लिए बच्चों को मनदूत और मनपरी के रूप में चुना जा रहा है। यही लोग अपने साथी बच्चों के बीच रहकर समय-समय पर उनकी समस्याएं सुनेंगे।
डीएमएचपी के तहत प्रथम चरण में 24 स्कूलों का चयन किया गया है। यहां के शिक्षकों और कक्षा नौ से 12 के सबसे पॉपुलर बच्चों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है कि किस प्रकार से वह मनोराेग से जूझ रहे बच्चों का चयन करेंगे। प्रशिक्षण के बाद हर कक्षा के बच्चों का एक टेस्ट मनोरोग विशेषज्ञ की ओर से लिया जाएगा, जिसमें मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे। सबसे अच्छे अंक प्राप्त करने वाले बच्चे ही मनदूत व मनपरी बनेंगे। (संवाद)
इन कॉलेजों का हुआ चयन
- नेशनल इंटर काॅलेज फतेहपुर
- किसान इंटर कालेज भगौलीतीर्थ
- कोटवाधाम इंटर कॉलेज
- पटेल पंचायती काॅलेज रामसनेहीघाट
- श्री भैरवनाथ कॉलेज मऊ, गोरपुर
- सतगुरु इंटर काॅलेज सेमराव
- आदर्श इंटर काॅलेज सिद्धौर
- श्री बैजनाथ इं. कॉलेज, मंगलपुर
- एमएलबी इं. कॉलेज लखपेड़ाबाग
- बाल विकास इं. कालेज नई सड़क
- नेहरू मेमोरियल इं. काॅलेज भिलवल
- एंग्लो इं. काॅलेज आलियाबाग नवाबगंज
- यूनिवर्सल जीआईसी कोटवासड़क
- प्रशांत बाविमं इंटर काॅलेज रामनगर
- रानी लक्ष्मीबाई स्मारक कालेज कुरौली
- एएसडीएसआईसी इं. काॅलेज, करौंधिया
- इरफान रसूल मेमो. इं. काॅलेज, जहांगीराबाद
- राजश्री शिक्षा संस्थान इं. काॅलेज, टिकरिया
- सुजाता आदर्श बा. इं. काॅलेज, मोहम्मदपुर
- श्री चंद्रचूर्ण सिंह इं. काॅलेज, सरायचंदेल खानपुर
- सरस्वती शिक्षा मंदिर इं. काॅलेज, फतेहपुर
- श्रीराम अभिलाष इं. काॅलेज, नसीरपुर
- शहीद भगत सिंह इं. काॅलेज, शरीफाबाद
24 स्कूलों में कक्षा नौ से 12 में सबसे पॉपुलर बच्चों का चयन कर उन्हें मनदूत व मनपरी बनाया जा रहा है ताकि वह मनो विकार से जूझ रहे बच्चों का चयन कर उनकी काउंसिलिंग करा सकें। - डॉ. सौरभ मिश्रा, प्रभारी डीएमएचपी