बाराबंकी। सावन में जिले के ऐतिहासिक तीर्थ स्थल श्री लोधेश्वर महादेव में शिव भक्तों की भारी भीड़ जुटेगी। हर सोमवार को यहां कांवड़ यात्रा के साथ करीब तीन से चार लाख श्रद्धालुओं के जलाभिषेक के लिए जुटने की उम्मीद है। श्रद्धालुओं की भीड़ और कांवड़ यात्रा को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए पुलिस प्रशासन ने महादेवा रूट पर विशेष डायवर्जन प्लान लागू किया है। इस दौरान भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
सावन के हर सोमवार से 24 घंटे पहले से 24 घंटे बाद तक लागू रहने वाले इस डायवर्जन के दौरान लखनऊ से पूर्वांचल, बहराइच, गोंडा, बलरामपुर समेत अन्य जिलों की ओर जाने वाले यात्रियों को बदले रूट से गंतव्य तक पहुंचना पड़ेगा। पुलिस प्रशासन ने महादेवा मेला के दृष्टिगत बाराबंकी शहर के रामनगर तिराहे से आगे बहराइच हाईवे को सेफ जोन घोषित किया है।
यहां सावन के हर सोमवार के लिए दो दिन पहले यानी शनिवार से डायवर्जन लागू होगा, जो सोमवार शाम तक चलेगा। इस दौरान न सिर्फ भारी वाहनों, बल्कि भीड़ को देखते हुए कार और जीप जैसे छोटे वाहनों की आवाजाही पर भी रोक रहेगी। रामनगर तिराहे से वाहनों को बहराइच की ओर नहीं जाने दिया जाएगा। लखनऊ से पूर्वांचल की ओर जाने वाले भारी वाहनों को बाराबंकी सीमा में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। इन्हें लखनऊ के बाहर से ही किसान पथ से होते हुए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की तरफ डायवर्ट किया जाएगा।
गोंडा-बहराइच जाने वाले वाहनों को लखनऊ-अयोध्या नेशनल हाईवे से होते हुए सफदरगंज, बदोसराय और चौकाघाट के रास्ते बहराइच की ओर भेजा जाएगा। जबकि बहराइच की ओर से आने वाले छोटे वाहन इसी रास्ते से लखनऊ-अयोध्या नेशनल हाईवे पर आकर आगे जा सकेंगे। इसी तरह बहराइच से आने वाले बड़े व भारी वाहनों को चहलारी मोड़ से रेउसा, सीतापुर भेजा जाएगा। ताकि शिवभक्तों के लिए बाराबंकी-रामनगर- बहराइच मार्ग सेफ जोन बना रहेगा।