बाराबंकी के श्री लोधेश्वर महादेवा कॉरिडोर का डिजिटल प्रिंट।
बाराबंकी। पौराणिक तीर्थ स्थल श्री लोधेश्वर महादेवा कॉरिडोर की डिजाइन बन गई है। श्रीराम मंदिर की डिजाइन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले डिजाइन एसोसिएट के आर्किटेक्ट जय कार्तिकेय ने ही इसे बनाया है। 23 नवंबर के बाद पूरा प्रोजेक्ट और डिजाइन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। प्रमुख सचिव पर्यटन के समक्ष कॉरिडोर के प्रेजेंटेशन के बाद इसके निर्माण में करीब एक अरब 70 करोड़ रुपये की राशि खर्च होने का अनुमान लगाया गया है।
पिछले साल बाढ़ पीड़ितों से मिलने आए मुख्यमंत्री ने महादेवा में भगवान श्री लोधेश्वर का जलाभिषेक करने के दौरान काशी की तर्ज पर महादेवा कॉरिडोर के निर्माण की घोषणा की थी। यह सीएम योगी का ड्रीम प्रोजेक्ट है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रशासन ने तेजी से निर्माण को लेकर सर्वे कराया। 15 एकड़ से ज्यादा भूमि में बनने वाले कॉरिडोर को लेकर करीब 140 भवन, दुकान और जमीन चिह्नित की गई थी। 15 मार्च, 2024 को शासन ने कॉरिडोर के लिए 48 करोड़ रुपये आवंटित किए थे। अब तक 131 जमीन, मकान और दुकानों की रजिस्ट्री पर्यटन विभाग के नाम हो चुकी है।
लोधेश्वर महादेवा कॉरिडोर की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसकी डिजाइन बनाने वाले जय कार्तिकेय अयोध्या ने श्रीराम मंदिर के बाहरी हिस्से की डिजाइन तैयार की है। इसके अलावा उन्होंने लखनऊ के कांशीराम स्थल, बैजनाथ धाम के देवघर स्थित शिव कॉम्प्लेक्स, लखनऊ के लोकभवन समेत देश-विदेश के विभिन्न मंदिरों व बड़े निर्माण के डिजाइन तैयार किए हैं। जिला प्रशासन ने डिजाइन को प्रमुख सचिव पर्यटन मुकेश मिश्रा के पास भेजी जिन्होंने इसे फाइनल कर दिया है।
उम्मीद जताई जा रही है कि दिसंबर माह में सीएम योगी कॉरिडोर के निर्माण का शिलान्यास करने महादेवा आ सकते हैं। जिला प्रशासन ने कॉरिडोर के निर्माण को लेकर सभी तैयारियां पूरी होने का दावा किया है। पहले चरण में मंदिर के सामने का हिस्सा और गर्भगृह तक का निर्माण और उसके बाद अभरण वे पीछे के हिस्से का निर्माण कराए जाने की तैयारी है।
मिली पहली किस्त
कॉरिडोर को लेकर बजट भी बढ़ गया है। पूरे प्रोजेक्ट में करीब 170 करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान है। कॉरिडोर निर्माण को लेकर अब तक करीब 48 करोड़ रुपये से जमीन की खरीदारी हुई है। जमीन के अलावा 20 करोड़ रुपये की पहली किस्त मिल गई है। जल्द ही काम शुरू होगा।
- सत्येंद्र कुमार, जिलाधिकारी