श्रीलोधेश्वर महादेवा में कजरी तीज के पावन पर्व पर भूत भावन भगवान शंकर की पूजा अर्चना व जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने लाइन लगाकर पूजा की। भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस वालों के पसीने छूट गए। दर्शनार्थियों में महिलाओं की बड़ी संख्या रही।
कजरी तीज पर्व पर लोधेश्वर महादेवा मंदिर में शनिवार से ही शिवभक्तों का आना शुरू हो गया था। रात में हजारों शिव भक्त जगह-जगह टोली बनाकर भजन कीर्तन करते रहे। भोर होते ही शिव भक्तों के जयकारों से महादेवा मेला परिसर गुंजायमान हो उठा।
श्रद्धालु जल, पुष्प, अक्षत, बेल पत्र, गंगा जल, दूध, दही, रोली, चन्दन, इत्र, मेवा, मिष्ठान व वस्त्र आदि पूजन सामग्री हाथ में लिए हुए पंक्तिबद्ध होकर भूत भावन भगवान शंकर का जयकारा लगाते हुए मंदिर की ओर बढ़े चले जा रहे थे। मंदिर परिसर के चारों ओर छोटे-बड़े मंदिरों में हर हर महादेव व बम बम भोले नाथ का जयकारा लगाया जा रहा था। कहीं कहीं ऊॅ नम: शिवाय का जप चल रहा था।
हर स्थान पर ऐसा प्रतीत हो रहा था कि जैसे कैलाश पर्वत से स्वयं त्रिपुरारी लोधेश्वर महादेवा में आ गये हैं। लोगों की आस्था है कि लोधेश्वर महादेव के मंदिर से अभी तक कोई भी याचक खाली हाथ और निराश होकर नहीं लौटा है। शंकर जी अपने भक्तों की कामनाए पूर्ण करते हैं। आदि देव महादेव के पूजन अर्चन के लिए भक्तगण आकर दिव्य शिव लिंग का जलाभिषेक कर भोले नाथ की ड्योढ़ी पर माथा टेकते हैं।
कजरी तीज का व्रत सभी व्रतों में सबसे कठिन व सर्व मनोकामना सिद्ध व्रत है। इसमें महिलाएं 24 घंटे बिना कुछ खाये पिए पूरी रात जागकर पूजन अर्चन के साथ पूर्ण करती हैं। अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार सिंह व अपर पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञान्नजय सिंह सहित अन्य अधिकारियाें ने मेला परिसर में व्यवस्था व सुरक्षा का जायजा लिया।