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Barabanki News: बैंकों की परेशानी बढ़ा रहे हैं ऋण

Sun, 25 Jan 2026 12:42 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
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बाराबंकी। रोजगार के नाम पर लिए गए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के ऋण दो दर्जन बैंकों के लिए सिरदर्द बन गए हैं। जिले में करीब 13 हजार लोग ऐसे हैं जो मुद्रा लोन लेकर उसकी किस्तें तक जमा करना भूल गए। हालात यह हैं कि बैंकों को इतनी भारी संख्या में खाते एनपीए घोषित कर अब वसूली के लिए नोटिस जारी कर घर-घर दस्तक देनी पड़ रही है।
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जिले में अधिकांश लाभार्थियों को 50 हजार से लेकर दो, तीन, चार व पांच लाख रुपये तक का कर्ज दिया गया। औसतन हर खाते पर दो लाख रुपये दिए गए। एक अनुमान के मुताबिक बैंकों के लगभग 260 करोड़ रुपये कर्जदारों के पास फंसे हैं।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की शुरुआत आठ अप्रैल 2015 को की गई थी। इसका उद्देश्य विनिर्माण, व्यापार और सेवा क्षेत्र में गैर-कॉरपोरेट, गैर-कृषि लघु उद्यमों को बढ़ावा देना था। एलडीएम कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक जिले में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत विभिन्न सरकारी और निजी बैंकों में करीब 69 हजार मुद्रा लोन खाते संचालित हैं।
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हाल ही में हुई समीक्षा में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इनमें से 13 हजार खाते एनपीए (नॉन परफॉर्मिंग एसेट) में तब्दील हो चुके हैं। दो दर्जन से अधिक बैंकों की 300 से ज्यादा शाखाओं से दिए गए इन ऋण खातों को लेकर अब बैंक प्रबंधन में हड़कंप मचा है।
सभी डिफॉल्टरों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं और कई मामलों में बैंक कर्मी वसूली के लिए उनके घरों की गणेश परिक्रमा करने को मजबूर हैं। सवाल यह भी आ खड़ा हुआ है कि क्या रोजगार सृजन के नाम पर दिया गया ऋण सही हाथों तक पहुंचा, या फिर यह सिर्फ आंकड़ों की सफलता बनकर रह गया।
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