फतेहपुर (बाराबंकी)। उपनिबंधक कार्यालय के नये भवन के निर्माण कार्य को लेकर आंदोलित अधिवक्ताओं की हड़ताल तीसरे दिन बुधवार को भी जारी रही। इससे भू संपत्तियों के निबंधन से लेकर राजस्व कोर्ट से संबंधित न्यायिक काम काज पूरी तरह प्रभावित रहा। इससे तहसील आए वादकारियों को हताश निराश हो कर होकर वापस लौटना पडा।
आंदोलित अधिवक्ताओं ने तीसरे दिन भी उपनिबंधक कार्यालय परिसर में अपना धरना प्रदर्शन जारी रखा। अधिवक्ताओं का कहना है कि इस मामले में जब तक कोई प्रभावी निर्णय नहीं होता उनकी हड़ताल जारी रहेगी। वकीलों के न्यायिक कार्य न करने से दीपावली के बावजूद रजिस्ट्री ऑफिस में बीते तीन दिनों से एक भी भी भू संपत्ति का बैनामा नहीं हुआ है। इससे अनुमानत: 50 लाख रुपये के राजस्व के नुकसान का अंदेशा है।
कलम बंद हडताल के दौरान किसी भी अधिवक्ता व मुंशी का तहसील परिसर में जाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इस कारण तहसील आए वादकारियों को राजस्व वादों की तारीख लेकर हताश निराश वापस लौटना पड़ा। धरना प्रदर्शन करने वालों में बार अध्यक्ष प्रदीप कुमार निगम, महामंत्री संजय सिंह, उपाध्यक्ष प्रेमचंद्र पाल, राजीव नयन तिवारी, ओमप्रकाश यादय, सतीश वर्मा सहित काफी संख्या में अधिवक्ता शामिल रहे।
आमदनी न होने से दीपावली फीकी
अधिवक्ताओं के आंदोलन के कारण तहसील व निबंधन कार्यालय में स्टांप वेंडर, दस्तावेज लिखने व टाइप करने वालों की आमदनी पूरी तरह बंद हो गई है। दीपावली पर निबंधन प्रक्रिया में तेजी के कारण निबंधन व तहसील में काम करने वाले इन लोगों को अतिरिक्त आय होने की उम्मीद रहती है। लेकिन इस बार हड़ताल के कारण इनकी दीपावली फीकी हो गई है। रोजमर्रा की आमदनी से जुड़े इन सभी लोगों पर हड़ताल का खासा असर पड़ रहा है।