शहर की बिजली शनिवार को पूरी रात गायब रहने से करीब साढ़े तीन लाख लोग परेशान रहे। बिजली व्यवस्था मेें सुधार न होने से हर किसी में आक्रोश है। हाल यह है कि पूरी रात कई बार की गई अघोषित कटौती के बीच महज दो घंटे की बिजली सप्लाई ही मिल सकी।
ऐसे में प्रदेश की सपा सरकार के खिलाफ भी लोगोें की नाराजगी सामने आने लगी है।
एक ओर जहां भीषण गर्मी ने अपना प्रकोप दिखाना शुरू कर दिया है वहीं अघोषित बिजली कटौती से भी लोग त्राहि-त्राहि करने लगे हैं। हाल यह है कि शहर में बिजली के आने व जाने का कोई समय ही निर्धारित नहीं रह गया है।
शनिवार की रात बिजली कटौती ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया। रात 9 बजे कटी बिजली दस बजे के बाद आई। इसके बाद सवा दस बजे बिजली फिर गायब हो गई। पंद्रह मिनट बाद बिजली आई और तीन घंटे के लिए फिर काट दी गई।
करीब दो बजे रात में कुछ देर के लिए बिजली आने से लोगाें को लगा कि अब सुकून मिलेगा, लेकिन कुछ देर बाद फिर बत्ती गुल हो गई जो रविवार की सुबह सवा पांच बजे आई। रात भर में हुई कटौती के बीच महज दो घंटे बिजली ही लोगों को मिल सकी है। शहर में रहने वाले करीब साढ़े तीन लाख लोगों की रात जागते हुए बीती।
रोस्टर के हिसाब से दी जाती बिजली
मुख्यालय से जितनी बिजली मिल रही है उसकी सप्लाई रोस्टर के हिसाब से की जाती है। अघोषित कटौती मुख्यालय से हो जाती है। रात में बिजली की अघोषित कटौती न हो इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। -आरके श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता पावर कॉर्पोरेशन बाराबंकी डिवीजन