नहर में पानी छोड़ते ही अंसारी के समीप सिंहपुर रजबहा की पटरी बहने से पुनर्निर्माण की पोल खुल गई है। हालांकि, खेत खाली होने से फसल का नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन गांव की आबादी के करीब तक नहर का पानी जमा है। गत वर्ष खरीफ के दौरान इसी नहर में कई बार से खांदी होने से सैकड़ों एकड़ धान की फसल बर्बाद हो गई थी। मानक के अनुरूप कार्य नहीं होने से पानी का दबाव पड़ते ही नहर में कुलाबा की पटरी बह गई है।
नहरों में पुनर्निर्माण के कारण फरवरी माह से अब तक क्षेत्र को सिंचित करने वाली तेइस डाउन सिस्टम की नहरें तीन माह से सूखी पड़ी थी। खरीफ बोआई की तैयारी के लिए किसानाें की मांग पर काफी विलंब के बाद पानी छोड़ा गया है।
लेकिन पानी छोड़े जाने के एक दिन बाद ही त्रिपुला से निकली सिंहपुर रजबहा की पटरी अंसारी गांव के समीप बह गई। हेड से करीब सौ मीटर दूरी पर मौजूद पहले ही कुलाबा के समीप नहर में खांदी होने पर नहर निर्माण में हो रही धांधली उजागर हो गई है। भोर में पटरी बहने से नहर का पानी सीधे खेतों में भरने लगा तथा देखते ही देखते अंसारी गांव की आबादी चारों ओर से पानी से घिर गई।
ग्रामीणों की सूचना पर सिंचाई विभाग ने दो दिन पहले पानी के लिए उठाए गए गेट को फिर से बंद कर दिया है। ग्रामीणों की मानें तो अमेठी के शिवरतनगंज थाना क्षेत्र में इसी नहर की पटरी बह गई है। ग्रामीणाें ने बताया कि बीते वर्ष नहर के इसी कुलाबे के समीप कई बार खांदी होने से किसानों की खरीफ की फसल चौपट हो गई थी।
इसके बाद भी विभाग ने मानक के अनुरूप कुलाबा का निर्माण नहीं कराया। गांव के हेमंत कुमार पांडेय, जियालाल, रामबरन, गुड्डू मिश्र, दिनेश कुुमार, बसंत लाल, राम शंकर आदि ने बताया कि विभाग की लापरवाही से फसल चौपट होती रही है तथा अब पानी आबादी के समीप पहुंच रहा है। इन लोगों ने नहरों के पुर्निर्माण कार्य की जांच कराने व कार्रवाई की मांग की है।
रौली गांव के पास भी कटी रौली माइनर
सिंचाई विभाग द्वारा कराए गए कार्यों की पोल खुलने लगी है। कुछ भी हो नुकसान किसानों का ही हो रहा है। रविवार की भोर रौली गांव के पास रौली माइनर कट गई, जिससे करीब दस एकड़ क्षेत्रफल में पानी भर गया है। ग्रामीणों ने इसकी सूचना सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दी, लेकिन मौके पर कोई देखनेे तक नहीं पहुंचा।
किसानों ने तालाब भरने के लिए काटी नहर पटरी
नहर कटने की जानकारी मिली है। किसानों ने तालाब भरने के लिए नहर पटरी को काटा है। गर्मी पड़ रही है, इसलिए कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। सूचना मिलने के बाद कर्मचारियों ने दो दिन पहले पानी के लिए उठाए गए गेट को फिर से बंद कर दिया है। - राजेश यादव, अधिशासी अभियंता, सिंचाई निर्माण खंड प्रथम