वकीलों ने सोमवार को तहसील में पहुंच जमकर हंगामा किया। बवाल कर रहे वकीलों ने तहसीलकर्मियों से भी अभद्रता की और कक्ष में बैठे तहसीलदार पर भी हमला करने का प्रयास किया। लेकिन तहसीलदार ने कमरे को अंदर से बंद कर लिया जिससे वह बच गए। इससे आक्रोशित लोगों परिसर में जमकर तोड़फोड़ की। यहां तक तहसीलदार के वाहन के साथ कई बाइक को तोड़ दिया। एसडीएम के आदेश के बाद नायब तहसीलदार ने अज्ञात वकीलों के खिलाफ कोतवाली नगर में तहरीर दी है। वकील शनिवार को हाईवे पर प्रदर्शन व जाम करने के दौरान साथी वकील रितेश मिश्रा को तहसीलदार द्वारा थप्पड़ मारने और उन्हें जेल भेजने से आक्रोशित थे।
तहसीलदार सदर उमेश सिंह सोमवार को अपने कक्ष में बैठे कार्य कर रहे थे। तभी उन्हें शोर सुनाई दिया कक्ष से बाहर निकल कर देखा तो देखा कि कुछ वकील उनके वाहन को तोड़ रहे हैं। इसके अलावा परिसर में रखे गमलों और बाइकों को भी तोड़ डाला। वकीलों ने तहसील कर्मियों के साथ ही तहसील में आए लोगों से भी अभद्रता की। उन्होंने इसकी जानकारी तत्काल उच्चाधिकारियों को दी और अपनी ओर वकीलों को बढ़ता देख कक्ष का दरवाजा बंद कर लिया। तहसीलदार का आरोप है कि वकीलों ने उन पर भी हमला करने का प्रयास किया लेकिन उनके द्वारा दरवाजा बंद कर लिए जाने की वजह से वह बच गए।
जानकारी मिलते ही एसडीएम सदर नीलम यादव, सीओ तौकीर अहमद और कोतवाली पुलिस समेत अन्य थानों की पुलिस और पीएसी तहसील पहुंच गई तो हंगामा कर रहे वकील भारी संख्या में पुलिस बल देख कचहरी की ओर भाग गए। इसी बीच तहसील कर्मियों ने कार्यालयों में ताला डाल कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। पुलिस ने हंगामा करने वाले वकीलों को खोजने का काफी प्रयास किया लेकिन वह किसी भी वकील का पता नहीं लगा सकी।