रजईपुर गांव में जैविक खेती का प्रशिक्षण प्राप्त करने पहुंचे इस्राइल के डेनियल व अन्य। स्रोत- क
बाराबंकी। विकास खंड मसौली की ग्राम पंचायत रजईपुर में एक दिवसीय एग्रो इकोलॉजी व नेचुरल बिल्डिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रगतिशील किसान विपिन वर्मा के फार्महाउस पर आयोजित हुआ। इसमें इस्राइल से डेनियल, बांदा से प्रगतिशील किसान प्रेम सिंह, छत्तरपुर से पुष्पेंद्र व लखनऊ के विभिन्न काॅलेजों में अध्ययनरत कृषि छात्रों ने प्रतिभाग किया।
विपिन वर्मा के खेत पर जैविक विधि से की जा रही सब्जियों की खेती की तकनीक को जाना। यहां गाय, बकरी व मुर्गी पालन के साथ उनके मल से तैयार हो रही कंपोस्ट खाद के बारे में सीखा। साथ ही जीवामृत एवं घन जीवामृत के उपयोग को भी जाना।
भ्रमण करने आए किसानों एवं छात्रों ने उर्वरक रहित खेती पर अपने विचार व अनुभव साझा किए। ग्रामीणों व आसपास के किसानों से वार्ता कर कृषि क्षेत्र में आने वाली समस्याओं और उनके समाधान पर चर्चा की। किसान विपिन वर्मा ने एकीकृत कीट प्रबंधन प्रणाली के बारे में विस्तारपूर्वक बताया। उन्होंने कहा कि इस तकनीक के प्रयोग से कीटनाशक पर खर्च होने वाली रकम को काफी कम किया जा सकता है। इसका प्रभाव फसलों की गुणवत्ता पर भी पड़ेगा।