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23 वर्षों तक जिला पंचायत की कुर्सी पर रहा महंत जगन्नाथ बख्श दास का कब्जा

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बाराबंकी। महंत शाही और डीएम के कार्यकाल को छोड़ दिया जाए तो जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर अब तक सपा, बसपा का ही कब्जा रहा है। मौजूदा समय में भी जिला पंचायत की कुर्सी पर सपा का कब्जा है। वर्ष 2016 के चुनाव में सपा ने यह सीट बसपा से छीन ली थी। मौजूदा अध्यक्ष का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। अब इस सीट पर किसका कब्जा होगा यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। लेकिन इस बार इस सीट को अपने कब्जे में लाने के लिए सपा, बसपा के साथ ही भाजपा भी लाइन में है।
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जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर पहली बार वर्ष 1952 में महंत जगन्नाथ बख्श दास विराजमान हुए। महंत शाही का यह राज 23 वर्षों तक चला। 1975 तक इस कुर्सी पर महंत जी का ही कब्जा रहा लेकिन 1975 से 1989 तक जिलाधिकारी ने बतौर प्रशासक के रूप में कार्य किया। इसके बाद हुए चुनाव में सपा के देव नारायण सिंह 1989 से 1995 तक जिला पंचायत अध्यक्ष रहे। वर्ष 1995 में हुए चुनाव में सपा के रामगोपाल रावत इस सीट पर काबिज हुए और वर्ष 2000 तक जिला पंचायत अध्यक्ष रहे।
वर्ष 2000 में हुए चुनाव में इस सीट पर एक बार फिर सपा की कुसुम सिंह काबिज हुई और 2006 तक उन्होंने बतौर अध्यक्ष कार्य किया। वर्ष 2006 में हुए पंचायत चुनाव में यह सीट सपा के हाथ से निकलकर बसपा के पाले में चली गई और इस सीट पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख सुरेन्द्र सिंह की पत्नी शीला सिंह का कब्जा हो गया। उन्होंने 2016 तक बतौर जिला पंचायत अध्यक्ष इस सीट पर काबिज रहते हुए कार्य किया।
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वर्ष 2016 में हुए चुनाव में यह सीट सपा ने बसपा से छीन ली और इस सीट पर सपा के पूर्व मंत्री अरविंद सिंह गोप के भाई अशोक सिंह काबिज हो गए। इनका भी कार्यकाल अब समाप्त हो रहा। इस सीट को लेकर अभी से राजनीतिक समीकरण बनाए जाने लगे हैं। इस बार सपा, बसपा के साथ भाजपा भी दावेदारी में शामिल हो सकती है।
जिला पंचायत अध्यक्ष का कार्यकाल समाप्त होने को लेकर शासन स्तर से जो निर्देेश प्राप्त होंगे उसके अनुसार प्रशासक के रूप में कार्य किया जाएगा।
-डॉ. आदर्श सिंह, जिलाधिकारी
दो करोड़ से बनने वाले तीन विकास कार्यों का किया शिलान्यास
जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह ने मंगलवार को दो करोड़ 20 लाख से बनने वाली तीन विकास योजनाओं का शिलान्यास जिला पंचायत परिसर में ही किया। अध्यक्ष ने बताया कि 90 लाख की लागत से जिला पंचायत डाक बंगला और आवास तथा 90 लाख की लागत से ही जिला पंचायत परिसर में निर्माण अनुभाग का भवन बनेगा तो 40 लाख की लागत से जिला पंचायत कार्यालय और गेट का कायाकल्प किया जाएगा।
अध्यक्ष ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए बताया कि जिले में दो सौ करोड़ से सड़कों का निर्माण कराया गया। 20 लाख से हैदरगढ़ में कांजी हाउस बनाया गया। जिला पंचायत की आय बढ़ाने की दिशा में भी कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए। इस मौके पर अपर मुख्य अधिकारी संजय कुमार, चंद्रदेव सिंह, प्रिंशु वर्मा, ओमप्रभा, राजेश अरोरा बब्बू, मनोज मिश्रा, राजेन्द्र सिंह, ओमप्रकाश, रंजीत सिंह, अमरनाथ तिवारी, सुनील कुमार, अंशुमान, सुभाष यादव, छत्तरपाल यादव आदि मौजूद रहे।
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