बलरामपुर। शहर में जाम की परेशानी से छुटकारा दिलाने के लिए बीते दो साल से स्वीकृत झारखंडी रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनाने का कार्य जल्द शुरू होगा। इसके निर्माण को लेकर चल रहा गतिरोध खत्म हो जाने के बाद अब ओवरब्रिज के लिए जमीन के साथ ही अन्य अटके कार्यों को भी रफ्तार मिलेगी।
प्रशासन ने निर्माण के दौरान वीर विनय की प्रतिमा को सुरक्षित रखने के लिए ओवरब्रिज के आकार को मछलीकार आकार में बनवाने का निर्णय किया है। इस संबंध में एसडीएम सदर राजेंद्र बहादुर की अगुवाई में गठित कमेटी ने तैयार अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है। इसका निर्माण होने से शहरवासियों के साथ ही बहराइच, श्रावस्ती, तुलसीपुर, गोंडा रोड़ पर होने वाली आवागमन की परेशानी को भी काफी हद तक दूर किया जा सकेगा।
डेढ़ सौ करोड़ की लागत से निर्माणाधीन इस ओवरब्रिज को बनाने की स्वीकृति दो साल पहले मिली थी। इसके बावजूद निर्माण कार्य के लिए पर्याप्त स्थान न मिल पाने के कारण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा था। गतिरोध खत्म करने के लिए डीएम अरविंद सिंह ने इसके लिए एसडीएम के साथ ही एनएच, सेतु निगम व पीडब्लूडी अधिकारियों की एक टीम गठित की थी।
स्थलीय सर्वेक्षण के बाद टीम ने पाया कि ओवरब्रिज के लिए दोनों तरफ मिलाकर 180 मीटर स्थान की जरूरत थी। कमेटी ने इससे अधिक जमीन मिलने के साथ ही चौराहे पर स्थिति मूर्ति की सुरक्षा को देखते हुए मछली आकार में ओवरब्रिज बनाने की संस्तुति की है। इससे चौक से तुलसीपुर व गोंडा रोड़ प्रस्तावित ओवरब्रिज से सीधे जुड़ सकेगा। कमेटी की सर्वे रिपोर्ट मिलने के बाद अब डीएम ने सेतु निगम को ओवरब्रिज के निर्माण का कार्य शुरू कराने का निर्देश भी दिया है।
बलरामपुर नगर की झारखंडी रेलवे क्रॉसिंग शहर के लिए काफी महत्वपूर्ण है। एनएच 730 पर पड़ने वाली इस रेलवे क्रॉसिंग पर 24 घंटे में 80 हजार से एक लाख तक छोटे बड़े वाहन गुजरते हैं। यह क्रॉसिंग नगर के व्यस्तम इलाके में स्थित होने के कारण इसके बंद होने से दोनों तरफ वाहनों का लंबा जाम लग जाता है।
डीएम अरविंद सिंह ने बताया कि ओवरब्रिज निर्माण के साथ ही वीर विनय चौराहे को अतिक्रमण मुक्त करने के साथ ही सुंदर और चौड़ीकरण का कार्य भी होगा। चौराहे पर लगने वाली पटरी दुकानदारों के लिए स्पेशलाइज्ड वेंडिंग जोन बनाए जाने के विकल्पों पर भी कार्य होगा।