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शौचालय निर्माण में गड़बड़ी की जांच शुरू

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बाराबंकी। स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों में शौचालय बनाने में जमकर धांधली की गई है। इसमें जहां करोड़ों रुपये खर्च हुए हैं, वहीं कई जगह शौचालय अधूरे पड़े हैं जबकि कई जगहों पर बिना बनाए ही पैसे निकाल लिए गए। इतने बड़े पैमाने पर हुई गड़बड़ी का संज्ञान शासन ने लिया है। मामले में जांच के आदेश दिए गए है। अब यदि सही तरीके से जांच की गई तो शौचालय निर्माण में करोड़ों का घोटाला सामने आने पर जिम्मेदारों पर कार्रवाई भी हो सकती है।
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वर्ष 2014 से लेकर 2020 तक जिले के समस्त गांवों में करीब साढ़े चार लाख व्यक्तिगत शौचालय बनवाए गए हैं। एक शौचालय बनवाने के लिए लाभार्थी को बारह हजार रुपये सरकार ने दिए हैं जबकि बाकी रकम उसे खुद खर्च करनी होती थी। ऐसे में इन शौचालयों के निर्माण में सरकार का करीब साढ़े पांच सौ करोड़ से भी अधिक रुपया खर्च हो चुका है। इस कार्य में जमकर गड़बड़ी होने से अब यह सवालों के घेरे में है।
पंचायती राज विभाग द्वारा करवाए गए इन शौचालयों के निर्माण में जमकर धांधली हुई है। इनको बनवाने का जिम्मा उठाने वाले बीडीओ से लेकर पंचायत सचिव व ग्राम प्रधानों ने भी खूब मलाई काटी है। हाल यह रहा कि सिर्फ कोरम पूरा करने का खेल चला। ऐसे में तमाम गांवों में शौचालय बिना बनाए ही उसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई और उसका पैसा निकालकर हजम कर लिया गया। इन्हीं सब गड़बड़ी के चलते अब यह इतनी बड़ी योजना घोटाले की भेंट चढ़ने लगी है।
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हरख ब्लॉक के अब्दुल्लापुर, सूरतगंज ब्लॉक के मीरपुर, बीकेपुर गांवों में बने व्यक्तिगत शौचालय अधूरे पड़े है, वहीं कई जगहों पर उनमें कंडे भरे हैं। ये गांव तो सिर्फ बानगी भर हैं। जिले के ज्यादातर गांवों में यही हाल है। इनमें तमाम ऐसे लोग भी है जिनको पूरा पैसा नहीं मिल सका जिससे उनके शौचालय आधे-अधूरे पड़े हैं। सिर्फ कागजी खेल के चलते इस योजना में इस तरह की गड़बड़ी उजागर होने के बाद अब जांच होने लगी है।
सीडीओ एकता सिंह ने बताया कि गांवों में बनाए गए व्यक्तिगत शौचालयों में गड़बड़ी होने की बात सामने आई है। इसे लेकर शासन के निर्देश पर जांच शुरू कराई गई है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई हो सकेगी।
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