त्योहार में मिठाई की मिठास न हो ऐसा संभव नहीं है। कुछ इसी का फायदा मिठाई विक्रेता उठा रहे हैं। मिलावट के बढ़ते कारोबार के कारण अब हर किसी को अपनी सेहत की चिंता सताने लगी है। इसके कारण अब मिठाई की मांग दिनोंदिन घटती जा रही है। वहीं, बदले समय में ड्राई फ्रूट्स की डिमांड बढ़ने लगी है।
बाजारों में आकर्षक ढंग से पैकिंग में सजे ड्राई फ्रूट्स लोगों की पसंद बनती जा रही है। सेहतमंद होने के साथ ही नुकसान होने का भी खतरा नहीं होता है। लोग अब मुंह मीठा कराने के लिए चॉकलेट का प्रयोग भी करने लगे हैं। बड़ी-बड़ी कंपनियों ने भी अब इन चीजों की मार्केटिंग शुरू कर दी है।
देेवा रोड स्थित बड़ी लाइन पर मिठाई की दुकान चलाने वाले रमेश गुप्ता कहते हैं कि मिठाई का कारोबार अब पहले जैसा नहीं रहा। मिलावटखोरी की डर से लोगों का रुझान मिठाइयों से कम हो गया है। पिछले तीन चार साल में मिठाई की बिक्री में काफी गिरावट आई है। जिससे दुकानदार भी मिठाई के साथ-साथ दुकान में अन्य आइटम बढ़ा रहे हैं।
दुकानदार सुनील गुप्ता ने अपनी दुकान बंद कर दी है। वह कहते हैं कि तीन-चार साल में मार्केट में काफी बदलाव आया है।
बड़ी दुुुकानों का पता नहीं लेकिन छोटी दुकानों पर ग्राहक पूछ ही लेते हैं कि सामान ताजा है या नहीं। ताजा ही देना। सही बात बताने पर भी लोगों को यकीन नहीं होता है। तीन-चार साल में मार्केट का ट्रेंड भी बदल गया है। मिठाइयों की जगह ड्राई फ्रूट्स ने ले ली है।
बड़ी-बड़ी कंपनियां खूबसूरत पैकेट में काजू, बादाम की ब्रांडिंग कर रही हैं। स्वाद के साथ सेहत से आंकलन कर लोगों का रुझान इस ओर बढ़ने लगा है। मुंह मीठा करने के लिए विभिन्न साइज में चॉकलेट्स भी उपलब्ध हैं। गुलाब जामुन व रसगुल्ले के पाउडर भी आ रहे हैं। जिसका असर मावा बाजार पर पड़ रहा है।