अव्यवस्थाओं के बीच रविवार को जनपद के 45 परीक्षा केंद्रों पर उत्तर प्रदेश अधीनस्थ चयन आयोग द्वारा चकबंदी लेखपाल भर्ती परीक्षा आयोजित की गई।
परीक्षा में शासन से जनपद को दोनों पाली में 45 हजार परीक्षार्थी आवंटित थे। शहर में जगह-जगह जाम की स्थित होने और केंद्रों के लिए साधन नहीं मिलने से करीब 20 हजार परीक्षार्थियों की परीक्षा छूट गई।
केंद्रों पर देरी से पहुंचने पर उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। जिससे वह निराश होकर लौट गए। संख्या अधिक होने के चलते अभ्यर्थियों को बसों व ट्रेनों में भूसे की तरह लदकर घर लौटना पड़ा। ट्रेनों की सही जानकारी नहीं हो पाने से परीक्षार्थी रेलवे स्टेशन पर परेशान दिखे।
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ चयन आयोग द्वारा रविवार को चकबंदी लेेखपाल भर्ती परीक्षा आयोजित की गई। जनपद में 45 केंद्रों पर दो पालियों में परीक्षा आयोजित की गई।
पहली पाली की परीक्षा 11 बजे व दूसरे पाली की परीक्षा दोपहर तीन बजे से शुरू हुई। सुबह की पाली में परीक्षार्थी दस बजे से ही केंद्रों पर पहुंचने लगे।
हजारों की संख्या में परीक्षार्थियों के जिले में पहुंचने से जगह-जगह जाम की स्थिति बनी रही। तमाम अभ्यर्थियों को सवारी वाहन भी नहीं मिले। जिससे वे समय से केंद्रों पर नहीं पहुंच सके।
इससे 45 फीसदी अभ्यर्थियों की परीक्षा छूट गई। फैजाबाद से जीआईसी नगर केंद्र पर परीक्षा देने आए संजय कुुमार वर्मा ने बताया जगह-जगह जाम लगने से वह केंद्र पर देरी से पहुंचे, जिससे वह परीक्षा में शामिल नहीं हो सके।
कानपुर से आए अरविंद कुमार व सतीश ने बताया कि सवारी वाहनों की किल्लत रही। साथ ही जाम की स्थित रही। लखनऊ में घंटों जाम लगा रहा। जिससे वह परीक्षा में शामिल नहीं हो सके।
एडीएम हरिकेश चौरसिया ने बताया कि जिले को 45 हजार परीक्षार्थी आवंटित हुए थे। परीक्षा केंद्रों पर सभी व्यवस्था पहले ही कर ली गई थी। मगर करीब 45 फीसदी परीक्षार्थी विभिन्न कारणों से परीक्षा नहीं दे सके। इनकी संख्या लगभग 20 हजार है।