बाराबंकी। नाबालिग के अपहरण व दुष्कर्म के मामले में पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश अजय कुमार श्रीवास्तव ने बृहस्पतिवार को एक महिला समेत तीन अभियुक्तों को सजा सुनाई। मुख्य आरोपी को दस वर्ष की कैद व 40 हजार रुपये का जुर्माना तो अभियुक्त महिला समेत दो को सात साल की कैद व प्रत्येक को 15-15 हजार रुपये अर्थदण्ड से दण्डित किया। न्यायालय ने कहा कि अर्थदण्ड वसूल होने पर 25 हजार रुपये पीड़िता को दिये जाये।
फतेहपुर थाना क्षेत्र की निवासी वादिनी ने 29 अगस्त 2017 को पुलिस में तहरीर देकर कहा था कि उसकी पुत्री पीड़िता सुबह 7 बजे घर से नेशनल इंटर कॉलेज पढ़ने गयी थी। छुट्टी के बाद पीड़िता घर नहीं पहुंची तो तलाश शुरू हुई। अफवाहन वादिनी को पता चला कि पीड़िता को रितेश उर्फ मिथुन निवासी रसूल पनाह ने अपहरण कर लिया।
इस पर पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना की तो मुख्य आरोपी मिथुन के अलावा महिला शिल्पा व छोटू की भूमिका मिली। इसके बाद पुलिस ने अलग-अलग धाराओं में तीनों को दोषी करार दिया। अभियोजन की ओर से शासकीय अधिवक्ता अजय कुमार सिसौदिया व योगेन्द्र सिंह अपने तर्क रखे। इस पर न्यायालय ने फैसला देते हुए यह सजा सुनाई। संवाद