बाराबंकी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दादरा में प्रसव के नाम पर अवैध वसूली की जाती है। आरोप है कि दवाओं की उपलब्धता के बाद भी मरीजों को बाहर से दवाएं लिखी जाती है। एएनएम और चालक द्वारा प्रसूताओं का शोषण किया जाता है। सीएमओ ने पूरे मामले की जांच सीएचसी अधीक्षक बड़ागांव को सौंपी है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि एंबुलेंस चालक ओमप्रकाश और एएनएम संगीता और निजी सहायक पिंकी द्वारा सामान्य प्रसव अस्पताल में कराए जाते हैं लेकिन इलाज के नाम पर आठ से दस हजार रुपये लिए जाते हैं। इसके अलावा ऑपरेशन पर 10 से 15 हजार रुपये लिए जाते हैं। यहीं नहीं यहां पर आने वाली प्रसूताओं को निजी अस्पताल में भी भर्ती कराया जाता है। अस्पताल से मिलने वाली दवाओं के साथ बाहर से दवाएं लिखी जाती हैं और यह दवाएं परिसर में ही छिपाकर रखी जाती हैं। इनके द्वारा आय से अधिक संपति अर्जित की गई है इसकी भी जांच होनी चाहिए। इस संबंध में बड़ागांव सीएचसी अधीक्षक डॉ. राधेश्याम गौड़ का कहना है मामला संज्ञान में आया है जांच की जा रही है।