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Barabanki News: जूता मिला न मोजा, खाद-बीज में खर्च हो गया पैसा

Sat, 15 Nov 2025 12:27 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
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घुंघटेर। परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को स्वेटर, जूता और मोजा खरीदने के लिए सरकार सीधे अभिभावकों के बैंक खाते में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से राशि भेजती है, फिर भी अधिकांश बच्चे बिना जूते-चप्पल के ही स्कूल आ रहे हैं। सर्दी के मौसम के बावजूद बच्चों को नंगे पैर आने की विवशता है।
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निंदूरा ब्लॉक क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय मदीनपुर में पढ़ने वाले कई बच्चों के पैर में जूते-मोजे की बात तो दूर, चप्पल तक नहीं दिखी। बच्चों ने बताया कि हमारी ड्रेस और जूता-मोजा खरीदने के लिए पैसा आया था। लेकिन माता-पिता ने उस पैसे से खाद और बीज खरीद लिया। कहा कि गेहूं बो दिए जाने के बाद जब धान बिकेगा, तब ड्रेस और जूता-मोजा खरीदेंगे। इसी तरह आसपास के अन्य विद्यालयों के बच्चों के ड्रेस और जूता-मोजा के पैसे भी उनके अभिभावकों ने अपने निजी कामों में खर्च कर दिया। इस कारण डीबीटी का लाभ बच्चों को मिलने के बजाय अभिभावकों के निजी खर्चों में उपयोग हो रहा है, और ठंड में बच्चे मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।
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