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बिना पंजीकरण मिले तीन अस्पताल सील, नौ को नोटिस

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बाराबंकी। विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से स्वास्थ्य विभाग में कार्य करने वाले संविदा चिकित्सक बिना पंजीकरण कराए ही अस्पतालों का संचालन कर रहे हैं। इस बात का खुलासा बृहस्पतिवार को नोडल अधिकारी चिकित्सा एवं पंजीयन के निरीक्षण में हुआ।
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इस दौरान तीन अस्पतालों और नौ क्लीनिकों का संचालन बिना पंजीकरण पाए जाए पर तीनों अस्पतालों को सील करा दिया गया है और क्लीनिक संचालकों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। नोडल अधिकारी की इस कार्रवाई से बिना पंजीकरण के अस्पताल और क्लीनिक का संचालन करने वालों में हड़कंप मच गया है।
नोडल अधिकारी राजीव दीक्षित ने बृहस्पतिवार को हैदरगढ़ क्षेत्र स्थित करीब एक दर्जन अस्पतालों और क्लीनिकों पर छापा मारा। इस दौरान भानमऊ चौराहे पर विनोद द्वारा बिना पंजीकरण के क्लीनिक संचालित होते पाया गया। इसके बाद नोडल अधिकारी ने न्यू केयर अस्पताल हैदरगढ़ और फैमिली हेेल्थ क्लीनिक पर छापा मारा।
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जांच में दोनों का संचालन बिना पंजीकरण के किया जा रहा था। जानकारी पर बताया गया कि फैमिली अस्पताल का संचालन विभाग में आरबीएसके में संविदा पर तैनात चिकित्सक की मिलीभगत से चल रहा है जिस पर तीनों अस्पतालों को सील करा दिया गया है। इसके अलावा यश ट्रॉमा सेंटर की जांच में भी पाया गया कि इसका संचालन विभाग में तैनात आयुष चिकित्सक की मिलीभगत से खुलेआम किया जा रहा है।
इसी प्रकार नोडल अधिकारी ने घेरहा पट्टी स्थित रामराज और हैदरगढ़ के राहुल के क्लीनिक की जांच की तो वह भी बिना पंजीकरण के पाए गए। इसके अलावा रायबरेली रोड स्थित आस्था मदर एंड चाइल्ड केयर अस्पताल, श्रद्धा क्लीनिक नैनखेरा, अवधेश क्लीनिक नैनखेरा का संचालन बिना पंजीकरण के किया जा रहा है। जिस पर इनके संचालकों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। नोडल अधिकारी की इस कार्रवाई से बिना पंजीकरण अस्पताल और क्लीनिक चलाने वालों में हड़कंप मच गया। कई लोग अपने क्लीनिक बंद कर भाग खड़े हुए।
विभाग में कार्यरत संविदा और आयुष चिकित्सकों की मिलीभगत से अस्पतालों के संचालन की जानकारी पर मामले की जांच कराई जाएगी। यदि मामले में इनकी संलिप्तता पाई जाती है तो इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नोडल अधिकारी को बिना पंजीकरण के अस्पताल और क्लीनिक चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
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-डॉ. रामजी वर्मा, सीएमओ
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