बाराबंकी। जिला अस्पताल में वायरल फीवर के मरीजों के साथ ही डेंगू और जेई के मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है। लेकिन अस्पताल के पास ऐसी बीमारी से निपटने के कोई खास इंतजाम नहीं है। अस्पताल प्रशासन ने औपचारिकता निभाते हुए डेंगू वार्ड तो बना दिया है लेकिन यदि मरीज को प्लेटलेट्स की जरूरत पड़ जाए तो इसकी कोई व्यवस्था अस्पताल के पास नहीं है। बृहस्पतिवार को ओपीडी में मरीजों की भारी भीड़ रही है। यहां करीब 1400 मरीज आए। इनमें सबसे ज्यादा मरीज वायरल फीवर के थे।
वायरल से पीड़ित मरीजों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। बदलते मौसम का आलम ये है कि हर घर में एक मरीज इन दिनों वायरल से पीड़ित है। यही कारण है कि जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में करीब 1400 मरीज आए जिनमें से करीब 600 मरीज वायरल फीवर के थे। इसके साथ ही डेंगू के अब तक नौ मरीज मिल चुके हैं लेकिन अस्पताल में व्यवस्था न होने की वजह से इन्हें लखनऊ रेफर कर दिया गया।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बृहस्पतिवार को एक जेई का मरीज भी अस्पताल में लाया गया जिसे बिना हाथ लगाए आननफानन में लखनऊ रेफर कर दिया गया। अस्पताल में वायरल फीवर के मरीजों को भले ही दवाएं आदि की सुविधाएं मिल रही हों लेकिन डेंगू और जेई के मरीजों के लिए कोई खास इंतजाम नहीं।
औपचारिकता निभाते हुए 10 बेड का एक डेंगू वार्ड बनाते हुए नोडल अधिकारी की तैनाती जरूर कर दी गई है लेकिन यदि किसी मरीज को प्लेटलेट्स की जरूरत पड़ जाए तो अस्पताल प्रशासन के पास हाथ खड़े करने के अलावा कोई रास्ता नहीं है। जिससे अस्पताल में आने वाले मरीजों को सीधे रेफर कर पर्चा थमा दिया जा रहा है।
वायरल फीवर के मरीजों के साथ ही डेंगू और जेई से निपटने के सभी इंतजाम अस्पताल प्रशासन के पास हैं। जिला अस्पताल में डेंगू के मरीजों के लिए 10 बेड का एक वार्ड बना दिया गया है। प्रयास चल रहा है कि बहुत जल्द अस्पताल में भर्ती होने वाले डेंगू के मरीजों को प्लेटलेट्स की सुविधा भी मिलने लगेगी।
-डॉ. बीके सिंह, सीएमएस जिला अस्पताल