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खतरे के निशान से ऊपर घाघरा, हड़कंप

Sat, 16 Jul 2016 11:13 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
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बाढ़ के चलते पलायन करते ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला
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घाघरा का जलस्तर कहर बरपाने को बेताब दिखाई देने लगा है। नदी के तीखे तेवर देख तराईवासियों की रातों की नींद गायब हो गई है। शनिवार को नदी दूसरी बार खतरे के निशान को पार कर गई।
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वहीं जिन तीन गांवों के लोग बंधे पर ठहरे हुए हैं बारिश उनके लिए किसी मुसीबत से कम नहीं है। प्रभावित क्षेत्र के तीन विद्यालयों में पानी भर जाने से पढ़ाई पूरी तरह से ठप हो गई है और यहां के बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा रहा है। 

घाघरा नदी का पानी लाल निशान 106.076 मीटर को पार कर 106.096 मीटर पर पहुंच गया। नदी का पानी दो सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। नदी के बढ़ते जलस्तर को देख तराई में हड़कंप मच गया है जो गांव चपेट में आ सकते हैं उन गांवों के लोगों की रातों की नींद गायब हो गई है।
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वहीं बाढ़ के पानी से घिरे गांव नैपुरा, परसावल, रायपुर के लोग परिवारीजनों के साथ बंधे पर शरण लिए हुए हैं। रात और दिन में होने वाली बारिश इनके लिए किसी मुसीबत से कम नहीं है।

इन लोगों का कहना है कि बारिश के चलते सबसे ज्यादा डर जंगली जानवरों और कीडों से बना हुआ है। मवेशियों पर भी यह बारिश भारी पड़ रही है। क्योंकि बारिश होने की वजह से इनके लिए चारे का इंतजाम नहीं हो पा रहा है। प्रशासन भी हम लोगों की समस्याओं से अंजान बना हुआ है। 

नये इलाके भी आएंगे चपेट में
नदी का पानी जिस रफ्तार से बढ़ रहा है यदि यही हाल रहा तो सूरतगंज क्षेत्र के जमका, खुज्जी, हरक्का और बिझौली भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। नदी का बढ़ता जलस्तर देख यहां के लोगों की रातों की नींद गायब हो गई है।

यहां के लोगों का कहना है कि नदी का पानी गांव तक पहुंचेगा इससे पहले ही हम लोग गांव छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले जाएंगे। क्योंकि बाढ़ कोई पहली बार नहीं आ रही है हर साल बाढ़ आती है और उससे दो चार होने की अब आदत सी हो गई है। 

नौनिहालों की पढ़ाई ठप
घाघरा नदी के पानी की चपेट में आकर सूरतगंज क्षेत्र का प्राथमिक विद्यालय कचनापुर, रामसनेहीघाट क्षेत्र का प्राथमिक विद्यालय परसावल और नैपुरा पूरी तरह से पानी की चपेट में आ गया है। जिससे यहां पर पढ़ाई का कार्य पूरी तरह से ठप हो गया है।

कचनापुर विद्यालय बाढ़ के पानी से घिरा होने के बाद भी बच्चे को इसी में बिठाकर पढ़ाए जाने पर यहां के शिक्षक को निलंबित करते हुए बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कराया जा रहा है। वहीं परसावल और नैपुरा के बच्चों को बंधे पर स्कूल खोलकर पढ़ाया जा रहा है। 

घाघरा नदी का जलस्तर फिर से बढ़ रहा है इसकी जानकारी मिली है। बाढ़ चौकियों पर तैनात सभी कर्मचारियों को एलर्ट कर दिया गया है। प्रभावित क्षेत्र की तहसीलों के एसडीएम को भी आदेशित कर दिया गया है कि वह पूरी तरह से मुस्तैद रहें और नदी के जलस्तर पर बराबर नजर रखें। -हरिकेश चौरसिया, अपर जिलाधिकारी
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