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घ्ााघ्ारा का जलस्तर बढ़ा, अकौना गांव का संपर्क टूटा

Mon, 24 Aug 2015 10:49 PM IST
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
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घाघरा नदी का जलस्तर घटने के साथ ही कटान तेज हो गई है। सूरतगंज क्षेत्र के तटवर्ती गांव अकौना मजरे खुज्झी में रविवार रात नदी के पानी की चपेट में आकर एक घर पूरी तरह से समा गया। जबकि दस घरों पर कटान का खतरा बना हुआ है। सड़कें बह जाने से गांव का संपर्क बाराबंकी जिले से टूट गया है। अब सिर्फ एक पतला रास्ता बहराइच की तरफ बचा है।
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कटान में तेजी को देखते हुए गांव से लोगों का पलायन भी शुरू हो गया है। वहीं ग्राम दिघौली, नरौली व कचनापुर के पास भी घाघरा नदी का पानी कटान कर रहा है।
घाघरा नदी का जलस्तर घटने लगा है।

नदी का पानी पिछले चौबीस घंटों में 12 सेमी घटा है, लेकिन अभी भी घाघरा खतरे के निशान से 29 सेमी ऊपर बह रही है। सोमवार शाम को घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान 106.076 से ऊपर 106.366 पर बह रहा है।

जलस्तर घटने के साथ ही तटवर्ती गांवों में कटान तेज हो गई है। बाराबंकी-बहराइच जनपद की सीमा से सटे विकास खंड सूरतगंज के ग्राम पंचायत अकौना के मजरा खुज्झी निवासी लालजी पुत्र गामा का घर पूरी तरह नदी में समा गया है।
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कटान की आशंका के चलते लालजी ने पहले ही अपना घर खाली कर दिया था। गांव के राम अचल, जगतपाल, भीम, रामभरत, राम दयाल, हरिलाल, रामजीत, राधे, राम अवध व मुन्ना लाल के घर की दीवार के किनारे तक नदी का पानी पहुंच गई है जिससे इन घरों के नदी में समाने का खतरा बढ़ गया है। घर के नदी चपेट में घरों के आने की संभावना को देखते हुए इन लोगों ने अपने घर छोड़ सुरक्षित स्थानों व रिश्तेदारी में जाने लगे हैं।

नदी के बहाव में गांव की ओर जाने वाली आरसीसी की सड़कें भी बह गई हैं जिससे गांव का संपर्क बाराबंकी से टूट गया है। एक सिर्फ एक पतला रास्ता बहराइच की तरफ बचा है।

वहीं ग्राम दिघौली, नरौली व कचनापुर में कटान तेजी से हो रही है। ग्राम पंचायत सरसंडा के मजरा कचनापुर का प्राथमिक विद्यालय का सिर्फ बरामदा ही शेष बचा है बाकी का विद्यालय पूरी तरह से नदी में समा गया है।

यहां भी कटान तेज होने से ग्रामीणों में भय बना हुआ है। खुज्झी गांव में कटान के बाद भी अभी तक प्रशासन के अधिकारी गांव नहीं पहुंचे हैं। ग्रामीण मलखान, मुन्ना लाल, जगत पाल, राम भरत आदि ने बताया कि कटान व नदी में लालजी का घर समाने की सूचना अधिकारियों को दी गई, लेकिन कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।

घाघरा नदी का जलस्तर घटने लगा है, लेकिन सूरतगंज क्षेत्र के अकौना मजरे खुज्जी में एक घर नदी में समाने की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो संबंधित क्षेत्र के एसडीएम को भेज कर मामले की जांच कराई जाएगी यदि घर नदी में समाया है तो जो सरकारी सहायता मिलती है वह दिलवाई जाएगी।
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- हरिकेश चौरसिया, एडीएम
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