सीएचसी रामनगर में करंट से हुई मौत के बाद रोती मृतक की मां व परिजन।
रामनगर (बाराबंकी)। महादेवा क्षेत्र के सूरतगंज रोड पर रविवार दोपहर करंट की चपेट में आकर जान गंवाने वाले संजय कुमार व हौसला चौहान दोस्त थे। दोनों एक-दूसरे के बेहद करीबी थे और महादेवा में ही एक स्टूडियो में साथ काम करते थे। हादसे की खबर दोनों के घर पहुंचते ही चीत्कार मच गई। रामनगर सीएचसी पहुंचे परिजनों को संभालना मुश्किल हो गया। लोग उनको सांत्वना दे रहे थे, मगर खुद भी रो रहे थे।
गोबरहा गांव निवासी 38 वर्षीय संजय कुमार पांच भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके छोटे भाई फूलचंद, पप्पू, दीपचंद और बाली उर्फ दीपू हैं। संजय की तीन बेटियां अनामिका, आर्या और दिव्यांशी हैं। उनकी पत्नी शिवदेवी जैसे ही अस्पताल पहुंचीं, शव से लिपटकर विलाप करने लगीं। वह बार-बार बेसुध होकर गिर रही थीं। संजय महादेवा में एक फोटो स्टूडियो और लइया की दुकान चलाकर पूरे परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी असमय मौत से परिवार पर संकट टूट पड़ा है।
वहीं, संजय के साथ जान गंवाने वाले हौसला चौहान मसौली के गुलरिया गांव के निवासी थे। वह छह भाइयों में दूसरे नंबर पर थे। पत्नी उमा देवी गर्भवती हैं और सदमे की हालत में हैं। उनका दो साल का बेटा सूर्य प्रताप अभी इतना छोटा है कि उसे यह भी नहीं पता कि उसके सिर से पिता का साया उठ चुका है।
ग्रामीणों के मुताबिक, हौसला पहले त्रिलोकपुर में स्टूडियो चलाते थे, लेकिन एक साल पहले काम बंद कर दिया था। स्टूडियो के काम में निपुण होने के कारण वह संजय के स्टूडियो में काम करने लगे थे।