बाराबंकी। जल्दी जिले से राजधानी लखनऊ के बीच रेलवे यात्रा और सुगम व बेहतर हो जाएगी। इसके लिए साल 2027 तक बाराबंकी से मल्हौर (लखनऊ) के बीच कुल चार रेलवे लाइनों का संचालन शुरू हो जाएगा। रेलवे की ओर से चल रहे इस प्रोजेक्ट के तहत अब तक करीब 70 फीसदी तक समतलीकरण का कार्य पूरा हो चुका है। नालों, नदियों और नहरों पर पुलों का निर्माण भी तेज़ी से चल रहा है। मिट्टी की गुणवत्ता की जांच भी की जा रही है।
वर्ष 2017 के रेल बजट में बाराबंकी से मल्हौर तक लगभग 16.42 किमी लंबे खंड को चार पटरियों में बदलने की मंजूरी दी गई थी। उसके बाद डीपीआर तैयार करने के साथ ही जमीन का चयन कर अधिग्रहण किया गया। यह पूरा निर्माण कार्य करीब 430 करोड़ रुपये की लागत से होगा। वर्तमान में इस रूट पर सिर्फ दो लाइनें हैं, जिससे रोजाना 150 से अधिक ट्रेनों के संचालन का भारी दबाव रहता है। इससे ट्रैक पर ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति बनी रहती है।
इस कारण हर दिन 25 से 30 ट्रेनों को घंटों आउटर पर खड़ा रहने की परेशानी भी उठाना पड़ती है। नई रेलवे लाइनों के निर्माण से यह समस्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी। सफेदाबाद स्टेशन पर लूप लाइन, माल गोदाम और इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम लगाए जाने की योजना है। इससे स्टेशन की क्षमता बढ़ने के साथ ही ट्रेनों का संचालन भी अधिक सुरक्षित और समयबद्ध हो सकेगा।
चार लाइनों के प्रोजेक्ट से दूर होगी परेशानी
- लखनऊ-बाराबंकी रूट पर अप-डाउन दोनों में ट्रेनों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
- यह रूट पूर्वोत्तर रेलवे और उत्तर रेलवे के बीच एक प्रमुख लिंक है।
- ट्रेन संचालन की सुगमता के साथ-साथ मालगाड़ियों के संचालन में भी तेजी आएगी।
- इससे यात्रियों का सफर सुगम बनने के साथ ही समय की बचत भी होगी।
- ट्रैक पर ट्रैफिक के लोड के कारण होने वाली ट्रेनों की लेटलतीफी भी खत्म होगी।