बाराबंकी। जिले में गुरुवार को बुखार से पूर्व प्रधान समेत दो लोगों की मौत हो गई। वहीं बुखार के 38 और डेंगू के 11 मरीजों का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग लगातार टीमों को गांव-गांव भेजकर मरीजों की जांच और दवाएं देने का दावा कर रहा है। इसके बावजूद बुखार से मौत होने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।
हैदरगढ़ क्षेत्र के सतरही गांव निवासी पूर्व प्रधान श्रीकांत (50) की लखनऊ के निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों के अनुसार उन्हें एक सप्ताह से तेज बुखार था। इसके चलते लखनऊ स्थित एक अस्पताल में भर्ती किया गया था। वहीं सीएचसी अधीक्षक डॉ. ओपी कुरील का कहना है कि पूर्व प्रधान के फेफड़े खराब थे, जिसका वह पहले से इलाज करा रहे थे।
निंदूरा क्षेत्र में बुखार एक माह से कहर बरपा रहा है। मदीनपुर गांव निवासी पुतान (35) ने बुखार से दम तोड़ दिया। परिजनों ने बताया कि एक सप्ताह से वह बुखार से पीड़ित थे। लखनऊ के अस्पताल में इलाज किया जा रहा था। बृहस्पतिवार को उनकी मौत हो गई। सीएचसी घुंघटेर के अधीक्षक डॉ. आरपी वर्मा ने बताया कि जांच के लिए टीम गांव भेजी गई है। गांव के ही करीब 15 अन्य लोग भी बुखार से पीड़ित है।
इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी सूचना के अनुसार मौजूदा समय में डेंगू के 11 मरीज हैं, जिनका अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। वहीं जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में शहर के गायत्रीपुरम निवासी सुमित श्रीवास्तव को भर्ती किया गया है। इसके अलावा 853 मरीजों की मलेरिया जांच की गई, जिसमें एक भी पॉजिटिव नहीं मिला है। सीएमओ डॉ. अवधेश कुमार यादव ने बताया कि लगातार जांच की जा रही है। साथ ही टीमों को गांव-गांव जाकर मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।