बाराबंकी। सरयू की कटान से तराई के तीन और गांव के अस्तित्व को खतरा पैदा हो गया है। भैरोकोल, तेलवारी और गोबरहा गांव में कटान तेज होने से खेत नदी में समा रहे हैं। कटान रोकने के ठोस प्रयास नहीं किए जाने से ग्रामीणों में आक्रोश है। उनका आरोप है कि सूचना दिए जाने के बाद भी बाढ़ खंड के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। इससे मकान और खेती वाली जमीन नदी की धारा में समाती जा रही है।
सिरौलीगौसपुर क्षेत्र के भैरोकोल, गोबरहा और तेलवारी गांव में नदी की कटान तेज हो गई है। गांव के मकान धीरे-धीरे नदी में समाने लगे हैं। खेती योग्य जमीन पहले ही नदी में समा चुकी है। बचे घर भी नदी की कटान के मुहाने पर पहुंच चुके हैं। गांव के सुंदर, कुंवारे रामदेव, परिदीन, आदि लोगों का कहना है कि सूचना दिए जाने के बाद भी अभी तक कोई अधिकारी यहां कटान देखने तक नही आया है।