बाराबंकी। सरयू का जलस्तर कम होने के साथ तेज हुई कटान तराई के तीन गांवों के निकट तेज हो गई है। इन गांवों के आधा दर्जन मकान व 30 बीघा गन्ने की फसल पहले ही नदी की धारा में समा चुकी है। अब बचे मकानों व फसलों के साथ अन्य खेतों के नदी में विलीन होने का खतरा बढ़ गया है। इससे ग्रामीणों में हड़कंप मचा है। वे बाढ़ खंड के अधिकारियों की कार्यप्रणाली से भी नाराज हैं। आरोप है कि इस वर्ष अधिकारियों ने काफी लापरवाही की जिससे कई गांवों के अस्तित्व मिटने वाला है।
सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र के गोबराहा, करोनी व तेलवारी में कटान तेज होने से ग्रामीणों की रातों की नींद गायब हो गई है। सरयू का पानी लगातार कम हो रहा है। इससे कई गांवों के पास नदी कई दिन से कटान कर रही है। दो दिन से गोबरहा गांव के पास कटान काफी तेज होने से ग्रामीणों में हड़कंप मचा है। गोबरहा में गत दिनों 30 बीघा गन्ने की फसल और आधा दर्जन मकान नदी में समा गए। कई मकानों के नदी की धारा में विलीन होने का खतरा बना है।
गोबरहा के रविनंदन, गीता, राहुल आदि का आरोप है कि बाढ़ खंड का कोई अधिकारी कटान रोकने के लिए आगे नहीं आ रहा है। जिला प्रशासन के अधिकारी भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। उधर बाढ़ खंड के अधिकारी बजट की कमी को अपनी मजबूरी बता रहे हैं। कटान रोकने के आदेश जारी कर दिए जाते लेकिन पैसा नहीं मिलने की वजह काम करना संभव नहीं है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी होती है।